SKIT जयपुर में पांच दिवसीय FDP का आगाज: मटेरियल साइंस और सोलर टेक्नोलॉजी के भविष्य पर मंथन
| योगेश शर्मा
जयपुर, 24 फरवरी 2026 जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (SKIT) में मंगलवार से ‘रीसेंट ट्रेंड्स इन मटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग’ विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शुभारंभ हुआ। भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम CSIR-IMMT, भुवनेश्वर के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
अगली पीढ़ी की सोलर सेल तकनीक पर विशेष चर्चा
उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में MNIT जयपुर के मैटेरियल्स रिसर्च सेंटर (MRC) से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकास शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने ‘बियॉन्ड सिलिकॉन फोटोवोल्टिक हैलाइड पेरोवस्काइट: फ्लेक्सिबल, ट्रांसपेरेंट और कलरफुल सोलर सेल्स’ विषय पर अपना विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।
व्याख्यान के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित रहे:
- पारंपरिक सिलिकॉन की सीमाएं: वक्ता ने मौजूदा सिलिकॉन-बेस्ड सोलर टेक्नोलॉजी की कमियों और उनकी निर्माण लागत की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
- पेरोवस्काइट का महत्व: अगली पीढ़ी के फोटोवोल्टिक एब्जॉर्बर के रूप में ‘हैलाइड पेरोवस्काइट’ मटेरियल की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित किया गया।
- तकनीकी लाभ: पेरोवस्काइट सोलर सेल्स की उच्च दक्षता (High Efficiency), कम लागत में उत्पादन, मैकेनिकल लचीलापन और पारदर्शी व रंगीन डिवाइस बनाने की क्षमता के बारे में विस्तार से बताया गया।
शैक्षणिक उन्नयन और आयोजन
भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रिशी व्यास ने एफडीपी के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि इस तरह के कार्यक्रम फैकल्टी मेंबर्स को आधुनिक शोध और तकनीकी बदलावों से अपडेट रखने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने आमंत्रित वक्ताओं और आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
विशेष: इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मटेरियल साइंस के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं तक पहुँचाना है।
प्रमुख आयोजक और संचालक
कार्यक्रम का सफल संचालन भौतिकी विभाग की डॉ. मनस्वी दीक्षित एवं डॉ. कोमल शर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान संस्थान के अन्य वरिष्ठ सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागी भी उपस्थित रहे।
