SEKMC इंटक ने बरौद में मनाया मजदूर दिवस: कोयला मजदूरों की चुनौतियों पर मंथन और सेवानिवृत्त साथियों का सम्मान

गनपत चौहान 

रायगढ़/बरौद कालरी:

साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (SEKMC) इंटक द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बरौद कालरी में ‘अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस’ धूमधाम से मनाया गया। यूनियन कार्यालय में आयोजित यह समारोह देर रात तक दो महत्वपूर्ण सत्रों में चला, जिसमें कोयला उद्योग के वर्तमान परिदृश्य और श्रमिकों के हितों पर गंभीर चर्चा की गई।

सेमिनार: कोयला खानों के भविष्य पर परिचर्चा

​समारोह का शुभारंभ रायगढ़ क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रमेश दास महंत द्वारा दीप प्रज्वलित कर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ किया गया। प्रथम सत्र के दौरान इनडोर सेमिनार का आयोजन हुआ, जिसका मुख्य विषय “वर्तमान परिस्थिति में कोयला खान एवं मजदूरों की चुनौतियां” रहा।

​सेमिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गनपत चौहान और जिला महासचिव मुकेश कुमार मंडल ने कहा कि बदलते समय के साथ कोयला उद्योग में नई तकनीक और निजीकरण की आहटों के बीच मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना सबसे बड़ी चुनौती है। वक्ताओं ने एकजुटता पर जोर देते हुए सुरक्षा मानकों और श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की।

खुले मंच से उठी मजदूरों की आवाज

​सेमिनार के पश्चात यूनियन कार्यालय के बाहर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस खुली सभा में सैकड़ों की संख्या में श्रमिक शामिल हुए। सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे:

  • रिपुसूदन पाण्डेय (वरिष्ट क्षेत्रीय उपाध्यक्ष)
  • दलगंजन बेहरा (उप महामंत्री)
  • बलभद्र सिंह कंवर (क्षेत्रीय सुरक्षा समिति सदस्य)
  • इन्द्रजीत चन्द्रा (मुख्यालय सचिव)

​वक्ताओं ने अपने संबोधन में प्रबंधन को चेताते हुए कहा कि श्रमिकों के पसीने से ही कोयला खदानें रोशन हैं, अतः उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अपने संबोधन के दौरान गनपत चौहान ने रायगढ़ कोयलांचल की ज्वलंत समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया और उपस्थित इंटक पदाधिकारियों को इसे आगामी एजेंडे में शामिल करने का निर्देश दिया। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित रहीं:

  • अत्याधुनिक चिकित्सालय: क्षेत्र के मजदूरों और उनके परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए 100 बेड का अत्याधुनिक विभागीय चिकित्सालय स्थापित किया जाए।
  • पैसेंजर ट्रेन: रेल कॉरिडोर पर केवल मालगाड़ी नहीं, बल्कि मजदूरों की सुविधा के लिए पैसेंजर ट्रेन चलाई जाए।
  • मुआवजे की मांग: सड़क दुर्घटनाओं और अन्य दुविधाओं में असमय जान गंवाने वाले (काल कवलित) मजदूरों के आश्रितों को प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

विदाई एवं सम्मान समारोह

​इस अवसर पर एक भावुक क्षण तब आया जब बरौद ओसीएम से सेवानिवृत्त हो रहे एसईसीएल (SECL) के वरिष्ठ कर्मचारी और इंटक के आजीवन समर्पित कार्यकर्ता शेख फाजिल को सम्मानित किया गया। यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर उनके दीर्घकालिक योगदान की सराहना की और उनके सुखद भविष्य की कामना की।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

रामचरण निषाद,कृण कुमार श्रीवास,दया राम,रोहित त्रिपाठी,नसीम अहमद,दुबराज दास,दिनेश साहू,महेश्वर राठिया, रामेश्वर राजपूत, अविनाश तिवारी, सुमन भट्टाचार्य,शिवा बर्मन,युवराज भास्कर,अमृत बसंत, राजकुमार महंत सुखदेव महंत,प्रदीप प्रशाद सहित बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थित रहीं।

समारोह के दौरान संतोष लहरे, नवीन कुमार कुर्रे, श्रीमती माधुरी चन्द्रा, साधु बी पी, नोमेश कुमार डनसेना, आर के मनहर, दिनेश साहू और नसीम अहमद सहित बड़ी संख्या में डेलिगेट्स और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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