RGHS में धांधली पर सरकार का हंटर: एक माह में 8 अस्पताल डी-एम्पेनल, फार्मेसी और डॉक्टरों पर भी बड़ी कार्रवाई
जयपुर, 24 जनवरी 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों के बाद विभाग ने अभियान चलाकर भ्रष्ट अस्पतालों, फार्मेसी स्टोर और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स पर गाज
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि ऑडिट और विभागीय जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर पिछले एक माह में 8 अस्पतालों एवं डायग्नोस्टिक सेंटर्स को योजना से बाहर (डी-एम्पेनल) कर दिया गया है।
कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
- TMS ब्लॉक: 2 अस्पतालों का ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) पूरी तरह ब्लॉक कर उनके भुगतान रोक दिए गए हैं।
- अस्थायी प्रतिबंध: 3 अस्पतालों का TMS तीन माह के लिए बंद किया गया है। ये कार्रवाई अनुचित तरीके से उपचार दिखाने और नियमों के उल्लंघन के चलते की गई है।
फार्मेसी स्टोर्स से रिकवरी और निलंबन
RGHS की परियोजना अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि फार्मेसी स्टोर्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
- निलंबन: पिछले एक माह में 11 फार्मेसी स्टोर्स को निलंबित किया गया है।
- रिकवरी: जनवरी माह में अब तक 8 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि 23 लाख रुपये की अतिरिक्त रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
- कैश रिफंड: दो मामलों में अस्पतालों द्वारा लाभार्थियों से अवैध रूप से वसूली गई ₹2,82,044 की राशि वापस लाभार्थियों को लौटवाई गई।
डॉक्टर और लाभार्थी भी रडार पर
योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभाग ने चिकित्सा कर्मियों पर भी सख्ती दिखाई है:
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- निलंबन की सिफारिश: अनुचित उपचार के मामलों में 2 डॉक्टरों के निलंबन और 5 अन्य डॉक्टरों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है।
- चेतावनी: 12 डॉक्टरों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं, जबकि एक डॉक्टर की आईडी को 6 माह के लिए ब्लॉक कर दिया गया है।
- लाभार्थी पर कार्रवाई: गलत तरीके से लाभ लेने वाले एक लाभार्थी के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकार का संदेश: राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि RGHS योजना में पारदर्शिता और लाभार्थियों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर होने वाली अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

