Rajasthan क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में गहराता विवाद: एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष जयदीप बिहाणी के खिलाफ विरोध तेज
Edited By: नरेश गुनानी
अप्रैल 24, 2025
जयपुर, 24 अप्रैल 2025: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी में बड़ी उठापटक मची हुई है। अध्यक्ष जयदीप बिहाणी पर उनकी ही टीम के पांच सदस्यों ने गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। धनंजय सिंह खींवसर के नेतृत्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये सदस्य बिहाणी पर ‘तालिबानी तरीकों’ से काम करने, एकतरफा फैसले लेने और संस्था को व्यक्तिगत राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे हैं।
धनंजय सिंह खींवसर ने दावा किया कि बिहाणी ने राजस्थान रॉयल्स से 10 लाख रुपये की मांग की, जबकि इस पर समिति में कभी चर्चा ही नहीं हुई। समिति के सदस्यों को इस बारे में खबर तक नहीं दी गई, और अध्यक्ष ने बिना किसी बहस के RCA को निजी लाभ का साधन बना दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहाणी बिना किसी ठोस सबूत के IPL में खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगा कर टीम के मनोबल को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
विरोध कर रहे सदस्यों ने सरकार और BCCI से अपील की है कि इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के मद्देनजर बिहाणी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि RCA की मीडिया सेल का दुरुपयोग कर खेल परिषद और राजस्थान रॉयल्स पर निराधार आरोप लगाए गए, जिससे संस्था की साख धूमिल हुई है।
इन आरोपों के जवाब में जयदीप बिहाणी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि धनंजय सिंह खींवसर एक महीने पहले नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने, पर RCA ने उनके चुनाव को अभी तक मान्यता नहीं दी। इसलिये खींवसर कमेटी के ओर से कोई भी अधिकारिक बयान जारी करने के पात्र नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, खींवसर खुद RCA अध्यक्ष पद के संभावित उम्मीदवार हैं और इसीलिए उन्होंने यह मोर्चा खोला।
बात इतनी पर सीमित नहीं रही; BCCI ने भी मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी है। बोर्ड ने बिहाणी द्वारा लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया और इस घमासान पर नाराजगी जताई है। बोर्ड ने RCA से शत-प्रतिशत पारदर्शिता और यथोचित कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
वर्तमान में RCA के चुनावी प्रक्रिया, एडहॉक कमेटी की वैधता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। जल्द ही राजस्थान सरकार या चुनाव आयोग से मान्यता संबंधी दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना है, जो राजस्थान क्रिकेट के भविष्य और विश्वास को पुनः स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।