ICU में महिला से दुष्कर्म पर सियासी भूचाल, टीकाराम जूली ने सरकार पर साधा निशाना
— अलवर मेडिकल कॉलेज की शर्मनाक घटना पर उठे सवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 07,2025
राजस्थान, अलवर | 7 जून 2025:
राजस्थान के अलवर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज (ESIC Medical College) के ICU में महिला मरीज के साथ नशे का इंजेक्शन देकर दुष्कर्म की घटना ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस शर्मनाक वारदात को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
“समूचे समाज की आत्मा पर हमला” – जूली
टीकाराम जूली ने घटना की निंदा करते हुए इसे समाज की आत्मा पर हमला बताया। उन्होंने कहा,
“ICU जैसी सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर अगर एक महिला असुरक्षित है तो यह प्रदेश की शासन व्यवस्था की पूरी तरह विफलता है। यह घटना सिर्फ एक महिला के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि पूरे समाज के साथ हुआ क्रूर मज़ाक है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब प्रदेश के अलवर जिले के सांसद केंद्र में मंत्री और विधायक राज्य सरकार में मंत्री हैं, तो वहां की जनता न्याय की उम्मीद किससे लगाए?
FIR में देरी पर जताई नाराज़गी
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि महिला के शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों की अनुमति के बिना FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा,
“हमारे शासनकाल में महिलाओं से जुड़ा कोई भी मामला लंबित नहीं रखा जाता था। तत्काल एफआईआर दर्ज होती थी। आज की सरकार में पीड़िता को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”
घटना की पूरी पड़ताल जरूरी: जूली
जूली ने मेडिकल कॉलेज में हुई इस जघन्य वारदात की विस्तृत जांच की मांग करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जानी चाहिए और पीड़िता को हरसंभव न्याय मिले।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार यह घटना 4 जून की रात को हुई जब ICU में भर्ती महिला मरीज को एक नर्सिंग कर्मचारी ने पहले नशे का इंजेक्शन दिया। बेहोश होने के बाद आरोपी ने पर्दा लगाकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। सुबह होश में आने पर पीड़िता ने अपने पति को घटना के बारे में बताया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए एडीएम सिटी को शिकायत दी, जिसके बाद एमआईए थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की और मेडिकल परीक्षण कराया।
पुलिस जांच में तेजी
एमआईए थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता के बयान धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अस्पताल परिसर के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज ने बनाई जांच समिति
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जो शनिवार तक रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बड़े सवाल खड़े करती है यह घटना
- क्या ICU जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह भी अब सुरक्षित नहीं रही?
- क्या अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है?
- क्या राजस्थान में महिलाओं के प्रति अपराधों को लेकर शासन गंभीर है?
यह घटना सिर्फ एक महिला के साथ अपराध नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और मानवता के खिलाफ एक क्रूर हमला है।
न्याय की मांग
समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने एक सुर में दोषियों को सख्त सजा और पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।

