जोधपुर | नरेश गुनानी/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आईसीएमआर-एनआईएचआर (ICMR-NIHR), जोधपुर द्वारा आयोजित ‘साइंस एंड हेल्थ इनोवेशन फॉर द नेक्स्टजेन एक्सप्लोरर’ (SHINE / शाइन) कार्यक्रम के तहत स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सेंट ऐनीज स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), जोधपुर के विद्यार्थियों ने भाग लिया और जन-स्वास्थ्य अनुसंधान, आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों व वैज्ञानिक उपकरणों के संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
सैद्धांतिक ज्ञान को मिला व्यावहारिक मंच
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़े गए विज्ञान के सिद्धांतों को प्रयोगशालाओं में लाइव देखने और समझने का मौका मिला:
- आधुनिक तकनीकों का अवलोकन: सेंट ऐनीज स्कूल की छात्रा शीतल चौधरी ने बताया कि उन्हें वेस्टर्न ब्लॉटिंग सिस्टम, जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस और विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों की कार्यप्रणाली को पास से देखने का अवसर मिला, जिससे उनकी वैज्ञानिक अवधारणाएं स्पष्ट हुईं।
- हैंड्स-ऑन लर्निंग (व्यावहारिक सहभागिता): सेंट ऐनीज स्कूल के छात्र प्रतीक जैन ने संस्थान के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों ने केवल प्रक्रियाओं का प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि विद्यार्थियों को गतिविधियों में स्वयं शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे विद्यार्थियों की झिझक दूर हुई और उनके संशय दूर हुए।
अंतःविषय अनुसंधान और करियर की दिशा
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान में विभिन्न विषयों के अंतर्संबंध और भविष्य की संभावनाओं को समझने का नया दृष्टिकोण दिया:
- गणित और जीवविज्ञान का समन्वय: डीपीएस जोधपुर के कक्षा 12वीं के छात्र हर्ष शर्मा ने साझा किया कि इस विजिट से उन्हें गणित, जीवविज्ञान और जैव-चिकित्सा (बायोमेडिकल) अनुसंधान के आपसी जुड़ाव को समझने में बहुत मदद मिली।
- भविष्य के मेडिकल व रिसर्च एस्पिरेंट्स के लिए मददगार: डीपीएस जोधपुर के 12वीं के छात्र अक्षय खंडेलवाल (जो NEET और माइक्रोबायोलॉजी क्षेत्र की तैयारी कर रहे हैं) ने बताया कि बायो-केमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी लैब्स को प्रत्यक्ष देखना उनके करियर के दृष्टिकोण से बेहद प्रेरणादायक रहा।
वैज्ञानिक टीम का जताया आभार
विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं का सरलता से समाधान करने के लिए आईसीएमआर-एनआईएचआर जोधपुर के निदेशक डॉ. पंकज भारद्वाज, वैज्ञानिक दल और तकनीकी टीम का आभार व्यक्त किया।
“शाइन (SHINE) कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रयोगशाला विज्ञान, जन-स्वास्थ्य और जैव-चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भावी करियर विकल्पों को तलाशने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया है।”