जयपुर, 28 जुलाई/ गौरव कोचर/वाणिज्यिक कर विभाग की जयपुर जोन-III टीम ने कर चोरी और कम कर जमा कराने के मामलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जयपुर स्थित मैसर्स लुम्बिनी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड पर सर्वे की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान विभागीय शिकंजे को देखते हुए करदाता कंपनी ने 50 लाख रुपये की राशि स्वैच्छिक रूप से कर के रूप में जमा कराई है।
मामला और विभागीय जांच के मुख्य बिंदु
- सेवा का स्वरूप: संबंधित कंपनी जयपुर में विद्यार्थियों व अन्य लोगों को हॉस्टल तथा पेइंग गेस्ट (PG) आवास सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य करती है।
- कर में गड़बड़ी की वजह: जीएसटी (GST) व्यवस्था में हाल ही में हुए संशोधनों और नए प्रावधानों के बावजूद कंपनी द्वारा देय कर का समुचित भुगतान नहीं किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि कंपनी नियमों के अनुरूप टैक्स जमा न करके कम कर का भुगतान कर रही थी।
- त्वरित कार्रवाई: जयपुर जोन-III की विशेष टीम ने संस्थान के परिसरों पर पहुंचकर सर्वे शुरू किया, जिसके बाद करदाता ने मौके पर ही 50 लाख रुपये की राशि स्वैच्छिक जमा के रूप में राजकोष में हस्तांतरित की।
आगे की वैधानिक कार्रवाई
वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। टीम द्वारा कंपनी के खाते, वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद निष्कर्षों के आधार पर नियम अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।