(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) इस वर्ष शिक्षा जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में है। सत्र 2025-26 के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परिणाम 20 से 25 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं। यदि बोर्ड इस समय सीमा में नतीजे जारी करता है, तो यह सीबीएसई के इतिहास में पहली बार होगा जब परीक्षा परिणाम अप्रैल माह में ही विद्यार्थियों के सामने होंगे।
मूल्यांकन पूरा, ‘मार्क्स फीडिंग’ अंतिम चरण में
बोर्ड सूत्रों के अनुसार, इस बार कॉपियों को जांचने की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की गई है। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य लगभग समाप्त हो चुका है और वर्तमान में तकनीकी विभाग ‘मार्क्स फीडिंग’ (अंकों को पोर्टल पर चढ़ाने) का काम अंतिम चरण में कर रहा है। आमतौर पर सीबीएसई अपने परिणाम मई के मध्य या अंत तक जारी करता रहा है, लेकिन इस बार अकादमिक सत्र को समय पर शुरू करने और उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए यह तेजी दिखाई गई है।
कैसे देखें परिणाम?
परिणाम घोषित होने के बाद छात्र निम्नलिखित माध्यमों से अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकेंगे:
- सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in)
- डिजिलॉकर (DigiLocker)
- उमंग (UMANG) ऐप
‘टू-एग्जाम पॉलिसी’: छात्रों के लिए बड़ी राहत
इस सत्र से सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए क्रांतिकारी ‘टू-एग्जाम पॉलिसी’ लागू की है। इस नीति के तहत विद्यार्थियों को एक ही शैक्षणिक वर्ष में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
- अंक सुधार का मौका: यदि कोई छात्र अपनी पहली परीक्षा के अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह दूसरी परीक्षा देकर अपने प्रदर्शन को बेहतर कर सकता है।
- दबाव से मुक्ति: इस पहल का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षा के मनोवैज्ञानिक दबाव को कम करना और छात्रों को सुधार के लिए प्रोत्साहित करना है।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीएसई का यह कदम न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में असफलता के कारण होने वाले तनाव और अवसाद को भी कम करेगा। परिणाम की आहट के साथ ही अब लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की धड़कनें तेज हो गई हैं, और हर कोई बेसब्री से आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहा है।