​’9 दिन के तेल के भरोसे सुपर पावर बनने चले हैं?’: जयपुर में कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ ‘तांगा मार्च’, दागे तीखे सवाल

 

योगेश शर्मा 

जयपुर: बढ़ती महंगाई, तेल संकट और केंद्र सरकार की कथित गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ ने रविवार को राजधानी जयपुर में एक अनोखा और आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। प्रकोष्ठ की ओर से ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल से लेकर सांगानेरी गेट तक ‘तांगा मार्च’ निकाला गया। मार्च का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस नेत्री योगिता पंकज शर्मा ने केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीतियों पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘क्रिमिनल लापरवाही’ करार दिया।

“मजबूरी का सिंबल है यह तांगा, अब पीछे नहीं हटेंगे”

​अल्बर्ट हॉल से शुरू हुए इस तांगा मार्च की अगुवाई करते हुए कांग्रेस नेत्री योगिता पंकज शर्मा ने केंद्र सरकार को चौतरफा घेरा। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “पहले देश में नोटबंदी हुई, फिर महिलाओं की गहनाबंदी की गई और अब देश पेट्रोल-डीजल की बेतहाशा महंगाई से जूझ रहा है। पेट्रोल पहले ही 120 रुपये प्रति लीटर के पार है। अगर वैश्विक संकट के चलते कल को जहाज रुके, तो क्या देश में पेट्रोल 200 रुपये लीटर बिकेगा? इसीलिए आज हमने तांगा मार्च निकाला है, जो देश की जनता की मजबूरी का सिंबल है। जब तक पेट्रोल की कीमतें 120 रुपये से नीचे नहीं आतीं, जब तक बच्चे का दूध और बहनों का सोना आज़ाद नहीं होता, यह तांगा रुकने वाला नहीं है।”

अंतरराष्ट्रीय संकट पर घेरा: “अमेरिका-जापान के पास महीनों का स्टॉक, भारत के पास सिर्फ 9 दिन का तेल क्यों?”

​योगिता शर्मा ने वैश्विक समुद्री मार्गों (लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य) में चल रहे तनाव का हवाला देते हुए केंद्र के संकट प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “लाल सागर और होर्मुज में जहाज रोके जा रहे हैं, जिससे समुद्री रास्ता 15 दिन लंबा हो गया है और मालभाड़ा 3 गुना तक बढ़ गया है। ऐसी गंभीर स्थिति में भी सरकार बहनों को ज्ञान दे रही है कि सोना मत खरीदो। मैं पूछती हूँ कि अमेरिका और जापान जैसे देशों के पास महीनों का ‘स्ट्रैटेजिक ऑइल रिजर्व’ (तेल का आपातकालीन भंडार) मौजूद है, तो हमारे भारत देश के पास सिर्फ 9 दिन का तेल क्यों है? क्या 9 दिन के तेल के भरोसे देश चलेगा? क्या इसी के दम पर सुपर पावर बनने चले हैं? यह मैनेजमेंट नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की क्रिमिनल लापरवाही है।”

महंगे दूध पर फूटा गुस्सा: “यह राक्षस प्रवृत्ति है”

​बच्चों के दूध की बढ़ती कीमतों पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “यह सरकार हाथ जोड़कर की गई विनती सुन ले और महंगाई की मार कम करे। जो लोग बच्चों का दूध महंगा कर रहे हैं, वे राक्षस प्रवृत्ति के हैं। मासूम बच्चों के मुंह से उनका दूध छीना जा रहा है।”

अल्बर्ट हॉल से सांगानेरी गेट तक गूंजे नारे, सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल

​इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम सड़कों पर उतरा। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “महंगाई वापस लो” और “9 दिन का तेल नहीं चलेगा” जैसे गगनभेदी नारे लगाए। यह तांगा मार्च अल्बर्ट हॉल से रवाना होकर रामनिवास बाग, न्यू गेट, बापू बाजार होते हुए सांगानेरी गेट पर जाकर संपन्न हुआ।

​इस अवसर पर कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के सचिव धर्मेंद्र शर्मा, महासचिव गौरी शंकर, उपाध्यक्ष कृष्णा सूद, आशा राठौर सहित सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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