77 आरपीएस प्रोबेशनर अधिकारियों को कम्यूनिटी पुलिसिंग का प्रशिक्षण
गौरव कोचर •
जयपुर, 22, अक्टूबर। राजस्थान पुलिस ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में नव-नियुक्त अधिकारियों को सामुदायिक पुलिसिंग के महत्व और उससे जुड़ी योजनाओं से परिचित कराया। पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी कम्यूनिटी पुलिसिंग पंकज चौधरी ने आरपीएस बैच संख्या 54/2023 और 55/2024 के कुल 77 प्रोबेशनर अधिकारियों के साथ संवाद किया।
सामुदायिक सहयोग से मजबूत होगी पुलिसिंग
कम्यूनिटी पुलिसिंग के नोडल अधिकारी पंकज चौधरी ने अधिकारियों को बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग की योजनाएं पुलिस को जमीनी स्तर पर जनता का सहयोग हासिल करने में कैसे मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहभागिता और साझेदारी बढ़ाना है ताकि अपराध की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में दोनों की संयुक्त भूमिका हो सके।
संवाद का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि जब ये अधिकारी फील्ड में जाएं, तो उन्हें जन-सहयोग और सहभागिता के बेहतर अवसर मिलें।
प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी
संवाद के दौरान कम्यूनिटी पुलिसिंग शाखा में संचालित प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमें सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप), ग्राम रक्षक, पुलिस मित्र, सुरक्षा सखियां, स्टूडेंट पुलिस कैडेट, महिला शक्ति आत्मरक्षा, पुलिस जनसहभागिता, स्वागत कक्ष और आदर्श पुलिस थाना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को पुलिसिंग से जोड़ा जा रहा है।
लगभग 3 लाख लोग जुड़े कम्यूनिटी पुलिसिंग से
पंकज चौधरी ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में लगभग 3 लाख लोग विभिन्न कम्यूनिटी पुलिसिंग योजनाओं से जुड़े हुए हैं। यह व्यापक नेटवर्क पुलिस को अपराध की रोकथाम और सामाजिक समरसता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का विस्तार राज्य में सुरक्षा और विश्वास दोनों को मजबूत करेगा।
इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय की कम्यूनिटी पुलिसिंग विंग में कार्यरत तीनों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने अनुभव और सुझाव प्रोबेशनर अधिकारियों के साथ साझा किए।
