गौरव कोचर
जयपुर, 12 जून। जयपुर पुलिस आयुक्तालय में शुक्रवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने विभाग में उत्कृष्ट, सराहनीय, मेहनत, लगन और समर्पण भाव से कार्य करने वाले छह पुलिसकर्मियों को “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” अवॉर्ड से सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा:
”जयपुर पुलिस का मुख्य ध्येय ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ की भावना को धरातल पर साकार करना है। इसी उद्देश्य के तहत पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देकर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे और अधिक लगन, मेहनत एवं समर्पण के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित होंगे।”
इन छह पुलिसकर्मियों को मिला मई 2026 का सम्मान
विभिन्न जिलों और शाखाओं से चुने गए इन पुलिसकर्मियों ने अपराध नियंत्रण, साइबर कार्रवाई और जनसेवा में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:
- सियाराम (कांस्टेबल, पुलिस थाना जवाहर नगर – जिला पूर्व): इन्होंने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर प्रतिदिन मुस्तैदी से अपडेशन चेक किया। इनकी सजगता के कारण गुम हुए 30 मोबाइलों को रिकवर कर उनके असली मालिकों तक सुरक्षित लौटाया जा सका।
- राकेश कुमार (कांस्टेबल, पुलिस थाना भांकरोटा – जिला पश्चिम): एक बुजुर्ग दंपती के साथ हुई वारदात को सुलझाने में इन्होंने अहम भूमिका निभाई। घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने, आसूचना संकलन और तकनीकी विश्लेषण के दम पर शातिर अभियुक्तों—वशिम अखत्तर उर्फ गोलू, अखिल कुमार गहरीवाला, निखिल तिवारी और उसमान गन्नी को गिरफ्तार करवाया। इनके प्रयास से आरोपियों के कब्जे से 44 लाख 50 हजार रुपये नकद, एक देसी पिस्टल, वारदात में इस्तेमाल वाहन और फिरौती की रकम से खरीदा गया करीब 80 हजार रुपये का सामान बरामद हुआ।
- मंजीत (कांस्टेबल, पुलिस थाना माणकचौक – जिला उत्तर): साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ में इन्होंने शानदार काम किया। म्यूल अकाउंट्स का गहन तकनीकी विश्लेषण कर साइबर अपराधी मंजूर अली, जाकिर खान और प्रेम कुमार योगी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा, एक अन्य विशेष अभियान के तहत 130 गुमशुदा मोबाइलों को रिकवर कर मोबाइल धारकों को वापस सौंपा।
- लालाराम (कांस्टेबल, अपराध शाखा कार्यालय, पुलिस उपायुक्त दक्षिण): इन्होंने दक्षिण जिले के आपराधिक आंकड़ों (सांख्यिकी) और पीपीटी संबंधी जटिल कार्यों को बेहद कड़ी मेहनत और लगन से तैयार किया। समय पर सटीक डेटा प्रस्तुत करने के लिए इनके कार्य को काफी सराहा गया।
- राहुल (कांस्टेबल, यातायात दक्षिण): इन्होंने जयपुर की सड़कों पर यातायात के सुगम संचालन और आम जनता को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने में बेहतरीन योगदान दिया। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन संबंधी (चालान) कार्रवाई भी की।
- नरेंद्र नेहरा (कांस्टेबल, डीआरएफ शाखा, रिजर्व पुलिस लाइन, आयुक्तालय जयपुर): इन्होंने वीआईपी (VIP) और वीवीआईपी (VVIP) के जयपुर आगमन के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था को संभाला। नरेंद्र ने एस्कॉर्ट, पायलट और पीएसओ (PSO) ड्यूटियों से जुड़े महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्यों को पूरी निष्ठा व कड़ी मेहनत के साथ संपादित किया।
उपलब्धियों पर एक नजर
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पुलिसकर्मी का नाम |
थाना/शाखा |
मुख्य योगदान |
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सियाराम |
जवाहर नगर (जिला पूर्व) |
30 गुमशुदा मोबाइल रिकवर किए |
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राकेश कुमार |
भांकरोटा (जिला पश्चिम) |
बुजुर्ग दंपती से लूट/फिरौती मामले में 4 आरोपी दबोचे, ₹44.50 लाख व पिस्टल बरामद |
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मंजीत |
माणकचौक (जिला उत्तर) |
‘म्यूल हंटर’ अभियान में 3 साइबर ठग गिरफ्तार किए, 130 मोबाइल रिकवर किए |
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लालाराम |
अपराध शाखा (जिला दक्षिण) |
आपराधिक आंकड़ों और सांख्यिकी पीपीटी का समय पर बेहतरीन संकलन |
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राहुल |
यातायात दक्षिण |
सुगम ट्रैफिक व्यवस्था, जन-जागरूकता और प्रवर्तन कार्रवाई |
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नरेंद्र नेहरा |
डीआरएफ शाखा, पुलिस लाइन |
VIP/VVIP मूवमेंट में एस्कॉर्ट, पायलट और PSO ड्यूटी का सफल निर्वहन |