26 साल बाद गिरफ्त में आई मोनिका कपूर: करोड़ों की ठगी कर भागी थी अमेरिका, अब CBI ला रही भारत
Edited By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 09,2025
नई दिल्ली। इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट फ्रॉड केस में 26 साल से फरार चल रही मोनिका कपूर को आखिरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अमेरिका से गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत अब मोनिका को भारत लाया जा रहा है। वह बुधवार रात तक भारत पहुंच सकती है।
क्या है पूरा मामला?
मोनिका कपूर पर आरोप है कि उसने 1998 में अपने भाइयों राजन खन्ना और राजीव खन्ना के साथ मिलकर फर्जी एक्सपोर्ट डॉक्यूमेंट्स—जैसे शिपिंग बिल, इनवॉइस और बैंक सर्टिफिकेट—की मदद से 2.36 करोड़ रुपये के ड्यूटी फ्री गोल्ड के इम्पोर्ट के लिए 6 रिप्लेनिश्मेंट लाइसेंस प्राप्त किए थे। बाद में ये लाइसेंस अहमदाबाद के एक व्यापारी को बेच दिए गए।
इन फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर ड्यूटी फ्री गोल्ड का इम्पोर्ट हुआ, जिससे सरकार को लगभग 1.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस घोटाले को लेकर 31 मार्च 2004 को दिल्ली की साकेत कोर्ट में मोनिका, राजन और राजीव के खिलाफ IPC की धाराओं 120B, 420, 467, 468 और 471 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी।
भागकर पहुंची अमेरिका, बनी ‘प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर’
मोनिका कपूर जांच में शामिल नहीं हुई, जिस कारण 13 दिसंबर 2016 को कोर्ट ने उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर दिया। फिर 26 अप्रैल 2010 को कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (NBW) और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
CBI ने 19 अक्टूबर 2010 को अमेरिका से उसके प्रत्यर्पण की अपील की थी। इसके बाद शुरू हुई लंबी कानूनी लड़ाई।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
मोनिका ने अमेरिका में कोर्ट में प्रत्यर्पण रोकने की गुहार लगाई थी। उसने दलील दी कि भारत लौटने पर उसे प्रताड़ित किया जा सकता है। लेकिन अमेरिकी कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी।
CBI टीम न्यूयॉर्क पहुंची और हिरासत में लिया
CBI की टीम हाल ही में अमेरिका गई और न्यूयॉर्क में मोनिका कपूर को हिरासत में लिया। अब मोनिका को अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट से भारत लाया जा रहा है।
कोर्ट में पेशी के बाद ट्रायल
भारत आने के बाद मोनिका कपूर को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से आगे का ट्रायल शुरू होगा। उल्लेखनीय है कि इस केस में उसके दोनों भाई राजन और राजीव खन्ना को 20 दिसंबर 2017 को दोषी करार दिया जा चुका है।