गौरव कोचर
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फिल्मी अंदाज वाले एक बेहद रोमांचक ऑपरेशन में करीब 200 किलोमीटर तक पीछा करके एक शातिर ‘बर्गलरी गैंग’ (सेंधमार गिरोह) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चोरी का सोना ठिकाने लगाने वाला एक सुनार भी शामिल है। यह गैंग दिल्ली-एनसीआर में अब तक 70 से अधिक चोरी और सेंधमारी की बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है।
हाईवे पर हाई-स्पीड ड्रामा: 200 किलोमीटर तक पीछा कर घेरा
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यह गैंग दिल्ली के एक पॉश इलाके में बड़ी वारदात को अंजाम देकर बवाना के रास्ते हरियाणा की तरफ भागने की फिराक में है। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही बदमाशों ने अपनी कार की रफ्तार बढ़ा दी।
- हाईवे पर थर्राहट: दिल्ली से शुरू हुआ यह पीछा हरियाणा के कई जिलों तक पहुंच गया। बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए 120+ की रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाईं और कई जगह पुलिस बैरिकेड्स को टक्कर मारने की कोशिश की।
- चारों तरफ से घेराबंदी: आखिरकार करीब 200 किलोमीटर के लंबे और खतरनाक चेस के बाद, दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए बदमाशों की गाड़ी को चारों तरफ से ओवरटेक कर घेर लिया और उन्हें सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।
शानदार लाइफस्टाइल और हाईटेक कटर: ऐसा था काम करने का तरीका
पूछताछ में इस गैंग के काम करने के बेहद शातिर और संगठित तरीके का खुलासा हुआ है:
- दिन में रेकी, रात में सफाई: गैंग के सदस्य दिन के समय लग्जरी गाड़ियों से दिल्ली-एनसीआर के पॉश इलाकों में घूमते थे। जिस आलीशान घर में बाहर ताला लटका मिलता या रात को लाइटें बंद रहतीं, उसे ये तुरंत निशाना बनाते थे।
- बिना आवाज किए कटर से वार: घरों के मजबूत ताले और लॉकर तोड़ने के लिए ये पारंपरिक हथौड़े की जगह आधुनिक हाइड्रोलिक कटर और साइलेंट औजारों का इस्तेमाल करते थे ताकि पड़ोसियों को भनक तक न लगे।
- चोरी के पैसों से अय्याशी: गैंग के सदस्य चोरी के माल से आलीशान जिंदगी जीते थे, महंगे होटलों में ठहरते थे और पुलिस की रडार से बचने के लिए हर वारदात के बाद शहर बदल देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली
पुलिस ने इस ऑपरेशन में जिन 6 लोगों को दबोचा है, उनका नेटवर्क बेहद मजबूत था:
|
आरोपी/भूमिका |
प्रोफाइल और काम |
|---|---|
|
गैंग का मास्टरमाइंड |
मास्टरमाइंड, जो पूरी रेकी और प्लानिंग करता था। इस पर पहले से दर्जनों मामले दर्ज हैं। |
|
4 शातिर सेंधमार |
तकनीकी रूप से एक्सपर्ट चोर, जो चंद मिनटों में घर के लॉकर साफ कर देते थे। |
|
ज्वेलर (रिसीवर) |
चोरी के सोने-चांदी को बाजार से आधे दाम पर तुरंत खरीदकर गलाने वाला मुख्य सुनार। |
क्राइम ब्रांच अधिकारी का बयान: “इस गैंग की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है। इनसे पूछताछ के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में बंद घरों में हुई सेंधमारी के करीब 70 से अधिक मामले सुलझ गए हैं।”
लाखों के जेवरात और गाड़ियां बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में चोरी के सोने और चांदी के आभूषण, कीमती घड़ियां, नकदी, ताले तोड़ने वाले आधुनिक कटर और वारदात में इस्तेमाल की गई दो लग्जरी कारें बरामद की हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गैंग ने दिल्ली-एनसीआर के अलावा और किन-किन राज्यों में नेटवर्क फैला रखा था। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया गया है।