| नरेश गुनानी
मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को मिला नया आधार: 12 लाख बनीं ‘लखपति दीदी’
जयपुर, 23 दिसम्बर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प में महिलाओं की भागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। राज्य सरकार के इन दो वर्षों के कार्यकाल में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त महिलाओं के लिए नई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
विगत दो वर्षों में बच्चियों और महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों से हर वर्ग की महिलाओं को लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ है।
आर्थिक सुरक्षा: मात्र 450 रुपये में गैस सिलेंडर
मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत प्रदेश में 1 जनवरी 2024 से एक बड़ा बदलाव लाया गया। अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और बीपीएल परिवारों के साथ-साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के पात्र परिवारों को भी मात्र 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 4.82 करोड़ सिलेंडर रिफिलिंग पर लाभार्थियों को 867 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है।
शिक्षा को संबल: 4.14 लाख छात्राओं को मिली आर्थिक मदद
बालिकाओं की शिक्षा के लिए सरकार ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक विशेष प्रोत्साहन दिए हैं:
- वित्तीय सहायता: 4.14 लाख स्कूली छात्राओं को 181 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
- कृषि शिक्षा: कृषि संकाय में पढ़ने वाली 58,397 छात्राओं को 103 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
- सुविधा: मेधावी छात्राओं को 10.51 लाख साइकिलें और करीब 39,586 स्कूटियाँ वितरित की गईं, ताकि उनकी पहुँच उच्च शिक्षा तक सुलभ हो सके।
सामाजिक सुरक्षा: 19 लाख से अधिक महिला पेंशनर्स
प्रदेश की महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार किया गया है:
- एकल नारी सम्मान: 19.24 लाख महिला पेंशनर्स के लिए 6,234 करोड़ रुपये व्यय किए गए।
- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 24,686 कन्याओं के विवाह हेतु 96.24 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।
- लाडो प्रोत्साहन योजना: बेटी के जन्म पर 1.50 लाख रुपये की राशि (7 किश्तों में) देने के प्रावधान के तहत अब तक 4.60 लाख बालिकाओं को पहली किश्त जारी की जा चुकी है।
आत्मनिर्भरता: 12 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए राजीविका मिशन के तहत लखपति दीदी योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।
- योजना के तहत अब तक 12.06 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया गया है।
- स्वयं सहायता समूहों को लगभग 4,992 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।
- राजस्थान महिला निधि के माध्यम से 24,120 महिलाओं को 166 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है।
स्वास्थ्य और पोषण: 5 लाख महिलाओं को मातृत्व लाभ
महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए सरकार ने बजट और सुविधाओं में बढ़ोतरी की है:
- मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना: 5.09 लाख महिलाओं को लगभग 170 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: 9.92 लाख गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।
- मां वाउचर योजना: गर्भवती महिलाओं को निजी एवं सरकारी केंद्रों पर निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा दी गई है, जिसके तहत 2.26 लाख सोनोग्राफी की जा चुकी हैं।
- स्वच्छता: किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए प्रतिमाह 1.22 करोड़ लाभार्थियों को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए जा रहे हैं।