2 साल: नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान
लॉजिस्टिक अवसंरचना में क्रांतिकारी बदलाव: फ्रेट कॉरिडोर से सुधरेगी राजस्थान की रफ्तार
| सुनील शर्मा
जयपुर, 21 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर प्रदेश में परिवहन और लॉजिस्टिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। माल परिवहन की लागत कम करने और औद्योगिक गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के स्टेशनों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने का दूरदर्शी कदम उठाया है।
112 करोड़ की लागत से बिछ रहा सड़कों का जाल
राज्य सरकार दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) की रीढ़ माने जाने वाले WDFC के प्रदेश से गुजरने वाले खंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।
- कुल निवेश: लगभग 112 करोड़ रुपये।
- परियोजना: 59 किलोमीटर लंबी ऑल-वेदर टू-लेन सड़कों का निर्माण।
- लक्ष्य: 12 नवीन फ्रेट स्टेशनों को मुख्य सड़क मार्गों से जोड़ना।
कनेक्टिविटी की वर्तमान स्थिति
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स्थिति |
स्टेशनों के नाम |
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कार्य पूर्ण |
किशनगढ़, मारवाड़ जंक्शन, केशवगंज और बनास। |
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कार्य प्रगति पर |
श्रीमाधोपुर, सराधना, हरिपुर, चंडावल, जवाली, बिरोलिया, साखून और स्वरूपगंज।
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