नरेश गुनानी
जयपुर | राजस्थान में भीषण गर्मी के मद्देनजर आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (प्रशिक्षण) एवं महानिदेशक एचसीएम रीपा, श्रेया गुहा ने निर्देश दिए हैं कि ग्रीष्मकाल में पेयजल और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बुधवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण करते हुए श्रेया गुहा ने यह बात कही। उन्होंने पोर्टल की कार्यप्रणाली और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।
सतत प्रशिक्षण पर जोर
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता (Quality of Disposal) बढ़ाने के लिए संबंधित कार्मिकों का सतत प्रशिक्षण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल निस्तारण ही काफी नहीं है, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए ताकि परिवादी को वास्तविक राहत मिल सके।
95.5 प्रतिशत शिकायतों का हुआ निस्तारण
समीक्षा बैठक में पोर्टल के आंकड़े भी साझा किए गए:
- कुल दर्ज शिकायतें: 40.65 लाख से अधिक।
- निस्तारित प्रकरण: लगभग 38.86 लाख (95.5%)।
- लंबित प्रकरण: करीब 1.80 लाख।
श्रेया गुहा ने निर्देश दिए कि जो प्रकरण लंबित हैं या ‘सत्यापनाधीन’ (Verification) की श्रेणी में हैं, उनका निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए।
परिवादियों से सीधा संवाद और फीडबैक
एसीएस ने स्वयं 181 हेल्पलाइन के माध्यम से विभिन्न जिलों के परिवादियों से फोन पर बात की। उन्होंने भीलवाड़ा, खैरथल-तिजारा और डीडवाना-कुचामन जिलों से संबंधित शिकायतों की वर्तमान स्थिति जानी और अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से हो।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति
इस निरीक्षण के दौरान राजस्थान संपर्क 181 के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के कार्मिक उपस्थित रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस वर्तमान में उन बुनियादी सुविधाओं पर है, जो बढ़ती गर्मी के कारण सीधे तौर पर जनता को प्रभावित कर रही हैं।