जयपुर/ सुनील शर्मा/सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित 181 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, संपर्क एआई (Sampark AI), विभागवार प्राप्त होने वाली शिकायतों, उनके निस्तारण की गति, परिवादियों की संतुष्टि के स्तर और समाधान की समग्र स्थिति की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 15 से अधिक परिवादियों से वीडियो कॉल के जरिए सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
औपचारिकता नहीं, परिवादी की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता
अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों के निस्तारण में केवल कागजी खानापूर्ति या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता परिवादी को धरातल पर वास्तविक संतुष्टि दिलाना होना चाहिए।
उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पंकज कुमार ओझा को निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को संबंधित विभागों से कम से कम 15 असंतुष्ट प्रकरणों का चयन किया जाए। उच्चाधिकारी स्वयं इन परिवादियों से सीधे संपर्क कर असंतुष्टि का मूल कारण जानें और संबंधित महकमों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थाई समाधान कराएं। साथ ही, इन प्रकरणों की नियमित मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर समीक्षा करने के भी आदेश दिए गए।
वीडियो कॉल पर आमजन ने रखीं अपनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों के नागरिकों से वीडियो कॉल पर मुखातिब होकर उनकी व्यावहारिक कठिनाइयां जानीं:
- छात्रवृत्ति और कोचिंग योजनाएं: सवाई माधोपुर के रिंकू कुमार ने वर्ष 2025-26 की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन का बिल जनरेट न होने का मुद्दा उठाया। चित्तौड़गढ़ के सुरेंद्र ने जन आधार में जाति व मूल निवास प्रमाण-पत्र अपडेट होने के बावजूद छात्रवृत्ति आवेदन में बार-बार आ रही आपत्तियों से अवगत कराया। वहीं सीकर के प्रभाकर ने जन आधार संबंधी तकनीकी खामियों के कारण मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना का फॉर्म सबमिट न होने की बात कही। जालोर के रवेंद्र ने छात्रावास वरीयता फॉर्म में संशोधन का विकल्प न खुलने की तकनीकी समस्या रखी।
- कन्यादान और पालनहार योजनाएं: जोधपुर के कान सिंह ने पालनहार योजना की राशि पिछले दो वर्षों से बैंक खाते में लंबित रहने की शिकायत दर्ज कराई। बारां के महेश, बूंदी के एजाज अहमद और बीकानेर की मंजू देवी ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के ऑनलाइन आवेदन, पोर्टल संचालन व ई-मित्र स्तर पर दर्ज गलत विवरण के सुधार में आ रही अड़चनों को साझा किया। भरतपुर के लक्समी कुमार ने कन्यादान योजना में बच्चे की माता का जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध न होने से आ रही प्रशासनिक बाधा को सामने रखा।
- पेंशन और अदालती आदेश: श्रीगंगानगर के कमल सोनी ने पेंशन बंद करवाने हेतु दिए गए आवेदन पर प्रगति न होने की शिकायत की। जयपुर के विकास मेवाड़ा ने विद्या संबल योजना के तहत देवनारायण राजकीय आवासीय विद्यालय, देवडूंगरी (पाली) में अंग्रेजी व्याख्याता पद पर नियुक्ति को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश की पालना न होने का प्रकरण उठाया।
संवेदनशीलता से हो जनसमस्याओं का समाधान
सभी प्रकरणों को विस्तार से सुनने के पश्चात अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब कर प्रत्येक मामले की नियमानुसार जांच करने और एक तय समय-सीमा के भीतर प्रभावी समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 181 संपर्क कॉल सेंटर शासन और आमजन के बीच सीधा व विश्वसनीय सेतु है। व्यवस्था का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान हो और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को राहत की अनुभूति हो।