परिवादियों से सीधा संवाद कर सुनीं समस्याएँ
| नरेश गुनानी
जयपुर, 25 मार्च 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के क्रम में प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के पालन में किए गए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल शिकायतों के निस्तारण की प्रगति जांची, बल्कि विभिन्न जिलों के परिवादियों से फोन पर सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं का फीडबैक भी लिया।
मौके पर ही दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान वैभव गालरिया ने वित्त, आबकारी, ट्रेजरी एवं एकाउंट्स तथा एसआईपीएफ (SIPF) विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों में न होकर धरातल पर होना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित परिवादियों से बात कर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया:
- मुकेश कुमार दायमा एवं गौरव सिंह (श्रीगंगानगर): बकाया पीएल अवकाश राशि भुगतान।
- जगत सिंह, चंद्रशेखर एवं छीतर लाल (जयपुर): फैमिली ग्रेच्युटी और अन्य वित्तीय मामले।
- खुशी पाल (सिरोही): एसआईपीएफ राशि भुगतान से संबंधित समस्या।
विभागवार निस्तारण की प्रगति: एक नजर में
पोर्टल के आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया कि शिकायतों के समाधान में औसतन 23 से 26 दिन का समय लग रहा है। 1 जनवरी 2024 से 24 मार्च 2026 तक का रिपोर्ट कार्ड इस प्रकार है:
|
विभाग |
कुल दर्ज प्रकरण |
निस्तारित प्रकरण |
औसत समय |
संतुष्टि प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
|
वित्त विभाग |
718 |
601 |
26 दिन |
68% |
|
ट्रेजरी एवं अकाउंट |
5,118 |
4,775 |
26 दिन |
70% |
|
एसआईपीएफ (SIPF) |
15,198 |
14,457 |
सुशासन की दिशा में बढ़ते कदम
राज्य सरकार की इस पहल के तहत सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर स्वयं हेल्पलाइन कंट्रोल रूम में उपस्थित हो रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सिस्टम की जवाबदेही तय करना और नागरिकों को बिना किसी कार्यालय के चक्कर काटे, घर बैठे 181 हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना है।
प्रमुख शासन सचिव ने एसआईपीएफ के प्रकरणों में संतुष्टि का स्तर (52%) बढ़ाने के लिए कार्यप्रणाली में और सुधार लाने के निर्देश दिए हैं ताकि आमजन को और बेहतर अनुभव मिल सके।
