1700 चिकित्सकों को मिली पदोन्नति : चिकित्सा विभाग की डीपीसी बैठक में अनुमोदन
मुख्यमंत्री की पहल और मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में चिकित्सा विभाग मिशन मोड में
(रिपोर्ट : मुस्कान तिवाड़ी / संपादन : नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स)
जयपुर, 22 अगस्त। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और कर्मचारी कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का असर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने और चिकित्सकों को समयबद्ध पदोन्नति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में 1700 से अधिक चिकित्सकों को पदोन्नति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता— समयबद्ध पदोन्नति
सरकार ने भर्ती और पदोन्नति दोनों ही प्रक्रियाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में विभाग न केवल नई भर्तियों को समय पर पूरा कर रहा है, बल्कि कार्यरत चिकित्सकों को पदोन्नति का लाभ भी समय से उपलब्ध करवा रहा है।
डीपीसी बैठक में हुए अहम निर्णय
राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्य संगीता आर्य की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पदोन्नति संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
- 1700 चिकित्सकों के पदोन्नति प्रस्तावों को अनुमोदन।
- 4 अतिरिक्त निदेशकों को निदेशक पद पर पदोन्नति।
- चीफ फूड एनालिस्ट के एक पद पर पदोन्नति का अनुमोदन।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि यह कदम प्रदेश के चिकित्सा तंत्र को मजबूती देगा और चिकित्सकों में कार्य के प्रति और अधिक उत्साह आएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा
सरकार का मानना है कि पदोन्नति से कर्मचारियों में न केवल प्रेरणा और उत्साह बढ़ेगा, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता तक पहुँचाने में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में और भी पदोन्नति व भर्ती प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने की योजना है।