राजस्थान
पुष्कर विधानसभा क्षेत्र को पेयजल राहत की बड़ी सौगात — जल मंत्री रावत ने 20 ट्यूबवेल किए स्वीकृत
गर्मी के कठिन दौर में ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत, जनसेवा को बताया अपना धर्म
Edited By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 27,2025
(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/अजमेर।
राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह रावत ने क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत देते हुए पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। पुष्कर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कुल 20 नए ट्यूबवेल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से कई स्थानों पर खुदाई पूरी कर पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर ली गई है।
यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब भीषण गर्मी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही थी। ग्रामीणों को नलों और टैंकरों के सहारे जीवन यापन करना पड़ रहा था, लेकिन अब जलसंकट से जूझ रहे हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा पानी
जल मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि ट्यूबवेल की स्थापना विशेष रूप से उन गांवों में की जा रही है, जहां पेयजल संकट अत्यधिक गंभीर था। इन ट्यूबवेलों से न केवल आमजन को पेयजल की सुविधा मिलेगी, बल्कि खेतिहर किसान, गौपालक और विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं भी लाभान्वित होंगे।
गंभीरता से ली ग्रामीणों की समस्या
रावत ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की समस्याओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत सभी ट्यूबवेलों की खुदाई कार्य प्राथमिकता से पूरी की जाए और पानी की आपूर्ति जल्द शुरू हो। गर्मी के इस विकट समय में कोई भी गांव पानी के लिए तरसे, यह सरकार को स्वीकार नहीं।
“जनसेवा ही मेरा धर्म” — रावत
अपने वक्तव्य में जल मंत्री रावत ने कहा, “जनसेवा ही मेरा धर्म है। जब तक पुष्कर क्षेत्र में एक भी गांव प्यासा रहेगा, तब तक मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिन क्षेत्रों से अब भी पानी की समस्या की शिकायतें मिल रही हैं, वहां भी जल्द ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। संबंधित विभागों को इस दिशा में तत्परता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय जनता में उत्साह
जल मंत्री के इस निर्णय से स्थानीय लोगों में प्रसन्नता की लहर है। ग्रामीणों ने इसे “गर्मी के समय में अमृत के समान” बताया और सरकार का आभार प्रकट किया। कई गांवों में पहले से ट्यूबवेलों से पानी निकलना शुरू हो गया है, जिससे जल संकट की समस्या में स्पष्ट रूप से सुधार दिख रहा है।