जयपुर/सुनील शर्मा/दूदू के बहुचर्चित “भैराना धाम बचाओ, रीको भगाओ” जनआंदोलन का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। पिछले 117 दिनों से लगातार जारी संत समाज और ग्रामीणों का धरना जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक की मौजूदगी में समाप्त हो गया।
बीचुन गांव में 800 बीघा भूमि पर प्रस्तावित रीको (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र के पुनर्नियोजन (Re-planning) को लेकर जिला प्रशासन और ‘भैराना धाम बचाओ समिति’ के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन को समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की गई।
प्रशासन और समिति के बीच इन बिंदुओं पर बनी सहमति
जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने स्वयं भैराना धाम पहुंचकर संत समाज और समिति के प्रतिनिधियों से वार्ता की। प्रशासन ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के पुनर्नियोजन में निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखा जाएगा:
- पर्यावरण एवं जल संरक्षण: क्षेत्र में वर्षा जल संरक्षण (Rainwater Harvesting) और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।
- धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का बचाव: जनआस्था, स्थानीय रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक धरोहरों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
- परिक्रमा मार्ग और हरित वन: परिक्रमा मार्ग, दादू खोल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण करते हुए वहां हरित वन (Green Zone) विकसित किए जाएंगे।
”सरकार ने स्वीकार कीं प्रमुख मांगें” — संत रामरतन दास महाराज
भैराना धाम के संत रामरतन दास महाराज ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने समिति की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर एक बेहद सकारात्मक पहल की है। इसी विश्वास और सहमति के आधार पर पिछले 117 दिनों से चला आ रहा धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
धरना समाप्ति के दौरान उपस्थित प्रमुख लोग
आंदोलन के पटाक्षेप के दौरान एडीएम युगांतर शर्मा, मौजमाबाद एसडीएम बलवीर सिंह, दूदू डीएसपी अनुपम मिश्रा और थाना प्रभारी सुरेश गुर्जर सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। इसके अलावा बड़ी संख्या में साधु-संत, समिति के पदाधिकारी और स्थानीय श्रद्धालु भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन को दूदू क्षेत्र के सबसे बड़े और चर्चित जनआंदोलनों में से एक माना जा रहा था, जिसमें संत समाज प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के मूल स्वरूप का कड़ा विरोध कर रहा था।