गौरव कोचर/केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने देश में वैमानिक प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र (Aviation Training Ecosystem) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने देश में 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) स्थापित करने के लिए आशय-पत्र (Letter of Intent – LoI) प्रदान किए।
इसके साथ ही मंत्री ने देश के सभी मौजूदा फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल बैठक की अध्यक्षता की और प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुगम बनाने के लिए एफटीओ स्लॉट ऐप (FTO Slot App) का शुभारंभ किया।
प्रमुख बिंदु और महत्वपूर्ण निर्णय
- 11 नए एफटीओ की स्थापना: देश में नए फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूलों के शुरू होने से वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (CPL) चाहने वाले युवाओं को देश के भीतर ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विदेशी संस्थानों पर निर्भरता कम होगी।
- एफटीओ स्लॉट ऐप का शुभारंभ: इस डिजिटल प्लेटफॉर्म/ऐप के माध्यम से पायलट प्रशिक्षुओं और FTO को उड़ान सत्रों (Flying Slots) की बुकिंग, शेड्यूल और प्रबंधन में आसानी होगी। इससे हवाई क्षेत्र (Airspace) और विमानों का कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा।
- राउंड टेबल बैठक: मौजूदा FTO के प्रमुखों के साथ आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में पायलट प्रशिक्षण उद्योग के सामने आ रही चुनौतियों, सुरक्षा मानकों में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर चर्चा करना था।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर प्रभाव
देश में नए FTOs की स्थापना और डिजिटल समाधानों को अपनाना भारत को वैश्विक स्तर पर एक एविशन ट्रेनिंग हब बनाने के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- घरेलू प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि: नए FTO खुलने से हर साल सैकड़ों अतिरिक्त पायलटों को भारत में ही प्रशिक्षित किया जा सकेगा।
- समय और संसाधनों की बचत: FTO स्लॉट ऐप के जरिए उड़ानों की बेहतर शेड्यूलिंग से एयरस्पेस का अधिकतम और सुरक्षित उपयोग संभव होगा।
- आत्मनिर्भरता की ओर कदम: भारतीय उड्डयन क्षेत्र में तेजी से बढ़ती विमानों की मांग को पूरा करने के लिए कुशल घरेलू पायलटों का एक बड़ा पूल तैयार होगा।