राष्ट्रीय
2000 रुपये से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा GST: सरकार ने अफवाहों को बताया भ्रामक
Written By: Ganesh Sharma
अप्रैल 19,2025 10:58 IST
टेलीग्राफ टाइम्स
देशभर में हाल ही में यह चर्चा तेज हो गई थी कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए किए गए 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर अब जीएसटी (GST) लगाया जाएगा। सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैली और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
वित्त मंत्रालय ने दी स्थिति साफ
शुक्रवार देर शाम वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि 2000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर जीएसटी लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को “भ्रामक और बेबुनियाद” बताया है।
बयान में कहा गया है कि वर्तमान में UPI ट्रांजैक्शन पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगाया जाता, इसलिए इन ट्रांजैक्शनों पर GST लागू होने का सवाल ही नहीं उठता। सरकार की प्राथमिकता डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है, न कि उस पर कर का बोझ डालना।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की नीति
सरकार ने यह दोहराया कि वह देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2021-22 से एक विशेष प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है, जो खासकर छोटे ट्रांजैक्शनों और पर्सन-टू-पर्सन (P2P) भुगतानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना का लाभ खासकर छोटे व्यापारियों और आम ग्राहकों को मिल रहा है।
भारत की डिजिटल क्रांति: वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति
ACI वर्ल्डवाइड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में वैश्विक रियल-टाइम ट्रांजैक्शन में भारत की हिस्सेदारी 49% रही। यह दर्शाता है कि भारत अब डिजिटल भुगतान तकनीक में अग्रणी देशों में से एक है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 में UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू 21.3 लाख करोड़ रुपये थी, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 260.56 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अकेले P2P ट्रांजैक्शन 59.3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुके हैं।
राहत की खबर
यह खबर उन करोड़ों UPI यूजर्स के लिए राहत की सांस जैसी है, जो रोजमर्रा के लेनदेन के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने न सिर्फ अफवाहों को खारिज किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया की दिशा में उठाए गए कदमों से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है।

