12 लाख के चेक के बदले 2 लाख की घूस मांग रहे जनपद CEO, लिपिक और भृत्य को ACB ने रंगे हाथों दबोचा

 सक्ती: छत्तीसगढ़  | गनपत चौहान 

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सक्ती जिले में एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) निखिल कश्यप, लिपिक अविनाश ठाकुर और भृत्य (चपरासी) लच्छन भानू को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों के भुगतान का चेक जारी करने के एवज में लाखों रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

​क्या है पूरा मामला? (भ्रष्टाचार का खेल)

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला विकास कार्यों के सरकारी भुगतान से जुड़ा हुआ है। सक्ती जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लिमतरा में निर्माण कार्य कराए गए थे, जिसके भुगतान के लिए सरपंच परेशान था।

  • ₹12 लाख के भुगतान की फाइल: ग्राम पंचायत लिमतरा के सरपंच द्वारा गांव में ‘निर्मला घाट’ और ‘नाली निर्माण’ का कार्य कराया गया था। इस कार्य के एवज में लगभग 12 लाख रुपये के भुगतान संबंधी चेक जारी कराने के लिए जनपद पंचायत में आवेदन दिया गया था।
  • ₹2 लाख की रिश्वत की डिमांड: आरोप है कि इस 12 लाख रुपये के वैध भुगतान का चेक जारी करने के बदले जनपद पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जेब गर्म करने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए सरपंच से सीधे 2 लाख रुपये बतौर कमीशन (रिश्वत) की मांग की जा रही थी।

​सरपंच ने दी ACB को चुनौती, बिछाया गया जाल

​लगातार हो रही पैसों की मांग और प्रशासनिक दबाव से परेशान होकर लिमतरा के सरपंच ने भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेकने के बजाय कानून का रास्ता चुना। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत बिलासपुर/संबंधित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के दफ्तर में दर्ज करा दी।

कार्रवाई की रणनीति: शिकायत मिलते ही एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। सबसे पहले गोपनीय तरीके से शिकायत का सत्यापन (Verification) किया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी की टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक पुख्ता और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।

 

​घूस लेते ही ACB ने दबोचा, तीन आरोपी गिरफ्तार

​तय रणनीति के मुताबिक, जैसे ही सरपंच रिश्वत की राशि लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे और पैसे अधिकारियों को सौंपे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की विशेष टीम ने दबिश दे दी।

​गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पद:

  1. निखिल कश्यप – मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत सक्ती।
  2. अविनाश ठाकुर – लिपिक (Clerk), जनपद पंचायत सक्ती।
  3. लच्छन भानू – भृत्य (Peon), जनपद पंचायत सक्ती।

​एसीबी की टीम ने कार्रवाई के दौरान मौके से ही रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। आरोपियों के हाथ केमिकल युक्त पानी से धुलवाए गए, जिससे उनके हाथ गुलाबी हो गए, जो इस बात का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण है कि उन्होंने रिश्वत के पैसों को छुआ था।

​वैधानिक कार्रवाई और पूछताछ जारी

​रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने जनपद कार्यालय के संबंधित दस्तावेजों और फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।

वर्तमान स्थिति: आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की टीमें आरोपियों के ठिकानों और उनके आय के स्रोतों की भी जांच कर सकती हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जांच एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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