हॉर्मुज में अमेरिका को खुली चुनौती: प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाकर निकला ‘बैन वाला’ तेल का जहाज

गौरव कोचर 

दुबई/वॉशिंगटन: रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में स्थिति विस्फोटक हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर पूर्ण समुद्री नाकेबंदी (Blockade) की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित (Sanctioned) एक विशाल तेल टैंकर अमेरिकी युद्धपोतों की निगरानी के बावजूद इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया। इस घटना को वैश्विक पटल पर अमेरिका की सैन्य धमक को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

1. नाक के नीचे से निकला ‘रिच स्टारी’

​ताजा रिपोर्टों के अनुसार, चीन के स्वामित्व वाला और अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल टैंकर ‘रिच स्टारी’ (Rich Starry), जो पहले ‘फुल स्टार’ के नाम से जाना जाता था, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहा।

  • चुनौती: यह जहाज उस समय निकला जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू करने का औपचारिक आदेश जारी कर रखा था।
  • चीनी कनेक्शन: जहाज पर चीनी चालक दल सवार था। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और ईरान के बीच बढ़ते सहयोग ने इस टैंकर को अमेरिकी कार्रवाई के डर से बेखौफ होकर आगे बढ़ने का साहस दिया।

2. अमेरिका की ‘ब्लॉककेड’ नीति और ट्रंप की चेतावनी

​पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया था कि:

​”अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को रोकेगी या जब्त करेगी जो ईरान को टोल (टैक्स) दे रहे हैं या वहां से तेल लेकर निकल रहे हैं। जो हम पर या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाएगा, उसे नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।”

 

​इसके बावजूद, प्रतिबंधित जहाजों का आवागमन जारी रहना यह दर्शाता है कि समुद्र में ‘ईरानी कंट्रोल’ और ‘विदेशी समर्थन’ के बीच अमेरिका के लिए इस नाकेबंदी को पूरी तरह लागू करना एक बड़ी चुनौती है।

3. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का कड़ा रुख

​ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे जलमार्ग के इस हिस्से पर पूरी तरह नियंत्रण रखते हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि उसके बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ, तो फारस की खाड़ी या ओमान के सागर का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। ### 4. वैश्विक बाजार और भारत पर प्रभाव

इस समुद्री तनाव का असर सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है:

  • कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
  • भारत की चिंता: भारत के लगभग 15 टैंकर फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। हालांकि ईरान ने भारतीय जहाजों से किसी भी प्रकार का टोल वसूलने की खबरों का खंडन किया है, लेकिन युद्ध जैसे हालात के बीच ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।

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