गौरव कोचर
धौलपुर, 10 अप्रैल। धौलपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पिछले 6 साल से फरार चल रहे ठगी के शातिर मास्टरमाइंड अमित गौतम को दिल्ली के लाजपत नगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर कुल 43 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसने फर्जी कंपनियां बनाकर करीब 200 लोगों के साथ 12.69 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। अमित गौतम की तलाश राजस्थान पुलिस के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी लंबे समय से कर रही थी।
ऑपरेशन की रणनीति और गिरफ्तारी
भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चन्द विश्नोई के मार्गदर्शन और धौलपुर एसपी विकास सांगवान के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। साइबर सेल पिछले 6 महीनों से जयपुर, उदयपुर और दिल्ली में आरोपी के सुराग जुटा रही थी।
- भेष बदलकर पहुंची पुलिस: आरोपी दिल्ली में अपनी पहचान छिपाकर मेडिकल स्टोर और लैब चला रहा था। वह हमेशा डॉक्टर का कोट और मास्क पहनकर रहता था।
- ब्लड सैंपल देकर की पहचान: पुलिस टीम के सदस्यों ने मरीज बनकर लैब में प्रवेश किया और अपने ब्लड सैंपल तक दिए ताकि आरोपी की पहचान सुनिश्चित की जा सके। पहचान पुख्ता होते ही उसे लाजपत नगर के सी ब्लॉक से दबोच लिया गया।
ठगी का ‘लग्जरी’ तरीका
अमित गौतम (निवासी शास्त्री नगर, धौलपुर) ने उदयपुर से एम.फार्मा किया था, जिससे उसकी मेडिकल क्षेत्र में अच्छी पकड़ थी। उसने अपने साथी अरुण अग्रवाल के साथ मिलकर वैभव एंटरप्राइजेज और रूटवाइज लॉजिस्टिक्स जैसी 7 फर्जी फर्में बनाईं।
ठगी के मुख्य तरीके:
- लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रदर्शन: आरोपी खुद को बड़ा इन्वेस्टर दिखाने के लिए महंगी गाड़ियां, लाखों की घड़ियां और कीमती मोबाइल का इस्तेमाल करता था।
- सॉफ्ट टारगेट: उसके निशाने पर मुख्य रूप से हाई-प्रोफाइल डॉक्टर, इंजीनियर और बड़े व्यापारी होते थे।
- पैसा दोगुना करने का लालच: वह कम समय में निवेश को दोगुना करने और जमीन सौदों के नाम पर लोगों को फंसाता था।
- बैंक लोन का खेल: जिन लोगों के पास निवेश के लिए नकद राशि नहीं होती थी, उन्हें आरोपी खुद बैंक ले जाकर एक साथ कई शाखाओं से बड़ा लोन दिलवा देता था और फिर वह राशि हड़प लेता था।
आपराधिक रिकॉर्ड और मामले
आरोपी के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न जिलों में 20 गंभीर मामले दर्ज हैं:
- जयपुर: चित्रकूट और मानसरोवर थानों में करोड़ों की धोखाधड़ी के करीब 15 मामले।
- उदयपुर: भूपालपुरा थाने में 6.57 करोड़ और 62.50 लाख के दो बड़े मामले।
- धौलपुर: निहालगंज थाने में धोखाधड़ी के मुकदमे।
- ED की जांच: प्रवर्तन निदेशालय जयपुर ने भी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है।
टीम की विशेष भूमिका
इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी वैभव शर्मा के सुपरविजन और सीओ कृष्णराज जांगिड के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इसमें निहालगंज थानाधिकारी अमित शर्मा, उप निरीक्षक हरेन्द्र सिंह और साइबर सेल प्रभारी नरेन्द्र सिंह शामिल थे। कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह ने संदिग्ध स्थानों की रेकी करने में विशेष भूमिका निभाई। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासों की संभावना है।