लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर से राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) को एक बड़ी कानूनी सफलता मिली है। अदालत ने जोधपुर के बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र के लिए रीको द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण को पूरी तरह वैध ठहराया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को भारी गति मिलने की उम्मीद है।
एकल पीठ का पुराना फैसला पलटा
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार और रीको की विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। खंडपीठ ने 8 सितंबर, 2017 को एकल पीठ द्वारा दिए गए उस पुराने फैसले को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत 33 याचिकाओं को स्वीकार करते हुए रीको की अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था।
कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां
- सुनवाई का पूरा अवसर मिला: खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने भूमि स्वामियों की आपत्तियों पर पूरी तरह विधिसम्मत विचार किया था और उन्हें सुनवाई का उचित अवसर भी दिया गया था।
- तकनीकी आधारों पर अत्यधिक हस्तक्षेप: अदालत ने माना कि एकल पीठ ने तकनीकी आधारों पर जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया और पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया को समग्रता (टोटलिटी) में देखने के बजाय अलग-अलग पहलुओं पर निर्णय दे दिया।
- न्यायिक समीक्षा का दायरा: खंडपीठ ने साफ किया कि भूमि अधिग्रहण जैसे जनहित और विकास से जुड़े मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया (Decision-making process) तक ही सीमित होता है।
विकास का खाका: 1700 बीघा भूमि पर शुरू होगी कार्ययोजना
इस ऐतिहासिक फैसले से पहले जो भूमि ‘यथास्थिति’ (स्टे) के कारण रुकी हुई थी, अब उस शेष 1700 बीघा भूमि का रास्ता साफ हो गया है। रीको अब इस जमीन पर औद्योगिक विकास के लिए नई कार्ययोजना बनाकर काम शुरू कर सकेगा।
बोरानाडा का मौजूदा औद्योगिक प्रोफाइल:
बोरानाडा में रीको द्वारा पहले से ही बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र, एग्रो फूड पार्क, ईपीआईपी (EPIP) और अन्य औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा चुके हैं, जहां वर्तमान में लगभग 1500 औद्योगिक इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
’राइजिंग राजस्थान’ और नए सेक्टर्स को मिलेगा बूस्ट
रीको ने हाल ही में इसी अधिग्रहीत भूमि के कुछ हिस्सों पर कई आधुनिक और विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मेडिकल डिवाइस पार्क
- हैंडीक्राफ्ट एवं फर्नीचर पार्क
- सामान्य श्रेणी की औद्योगिक इकाइयां
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए रीको द्वारा एमओयू (MoU) धारकों के लिए एक ‘विशेष प्रत्यक्ष आवंटन योजना’ लागू की गई थी। इन नए पार्कों में निवेशकों का जबरदस्त रुझान देखने को मिला है। अब इस बची हुई 1700 बीघा भूमि पर भी नया औद्योगिक निवेश आने से क्षेत्र में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
आगे की राह
हाईकोर्ट के हरी झंडी देने के बाद, रीको प्रबंधन अब बिना समय गंवाए उक्त भू-भाग पर बुनियादी विकास कार्यों (सड़क, बिजली, पानी आदि) को धरातल पर शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही उद्योगपतियों और निवेशकों को भूखंडों का शीघ्र आवंटन करने के लिए रीको द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।