हथकरघा अपनाने का आह्वान: प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कपड़ा मंत्री ने दिया समर्थन
By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 18 अगस्त 2025।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए हथकरघा उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे हथकरघा से बने उत्पाद खरीदें और हैशटैग #MyHandloomMyPride तथा #MyProductMyPride के साथ अपनी कहानियां सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि बुनकरों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिल सके।
यह पहल न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान को बढ़ावा देने का प्रयास है, बल्कि इससे कारीगरों की बाजार तक पहुंच मजबूत होगी और उनकी आय के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री इससे पहले भी “लोकल फॉर वोकल” अभियान के माध्यम से दूरदराज के हस्तशिल्पियों और हथकरघा बुनकरों को नया मंच दे चुके हैं।
हथकरघा: महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि हथकरघा उद्योग भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और यह ग्रामीण तथा अर्ध-ग्रामीण आजीविका का अहम हिस्सा है। इस क्षेत्र से 35 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं, जिनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएँ हैं। ऐसे में हथकरघा महिला सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनकर उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत की हथकरघा परंपरा सिर्फ उत्कृष्ट कारीगरी का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक गौरव और आर्थिक मजबूती का भी प्रतीक है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस और स्वदेशी आंदोलन की विरासत
गौरतलब है कि हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। इस तिथि का चयन इसलिए किया गया था क्योंकि 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इस दिवस का उद्देश्य आम जनता को हथकरघा उद्योग के महत्व, सामाजिक-आर्थिक योगदान और बुनकरों के गौरव से जोड़ना है।
छोटे प्रयास, बड़ा असर
गिरिराज सिंह ने कहा कि आम नागरिक का छोटा सा प्रयास और समर्थन बुनकरों की आजीविका को सुरक्षित करने और उनमें गर्व की भावना जगाने का बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे हथकरघा उत्पाद खरीदकर न केवल अपने जीवन में स्वदेशी को अपनाएँ, बल्कि इसके जरिए लाखों कारीगरों और बुनकरों का भविष्य भी सुरक्षित करें।