गौरव कोचर
नई दिल्ली: नई दिल्ली से अमृतसर जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर अचानक हुए पथराव से यात्रियों में हड़कंप मच गया। इस घटना से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में इसलिए हड़कंप मच गया क्योंकि इसी ट्रेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत भी सफर कर रहे थे। हालांकि, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
चलती ट्रेन पर अचानक बरसे पत्थर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन जब अपने रास्ते पर थी, तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने बोगियों को निशाना बनाकर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरों की तेज आवाज से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षा के लिए सीटों के नीचे छिपने लगे। इसी ट्रेन के एक कोच में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहन भागवत भी सवार थे। घटना के तुरंत बाद उनके सुरक्षा दस्ते ने स्थिति को संभाला और बोगी की सुरक्षा और कड़ी कर दी।
आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई, दो धराए
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। घटनास्थल के आसपास चलाए गए तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने दो नाबालिगों को पकड़ लिया।
जांच अधिकारियों के अनुसार: शुरुआती पूछताछ में मामला शरारत का लग रहा है, लेकिन ट्रेन में वीआईपी मूवमेंट होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं।
इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन ट्रेन की खिड़कियों के शीशों को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल रूट पर रेल यातायात पूरी तरह सामान्य है।