स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को किया याद: सेनानी जौहरी की 100वीं जयंती और वर्मा की 26वीं पुण्यतिथि मनाई गई

गणपत चौहान 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन, बिलासपुर द्वारा सेनानियों के स्मरण की गौरवशाली परंपरा को जारी रखते हुए रविवार, 3 मई को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर के महान सेनानी स्व. छोटेलाल सिंह जौहरी की 100वीं जयंती और स्व. श्यामानंद वर्मा की 26वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके राष्ट्रभक्तिपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला गया।

​बाबा ने कराया भारत दर्शन: अमित सिंह

​कार्यक्रम में स्व. छोटेलाल सिंह जौहरी के व्यक्तित्व को याद करते हुए उनके पोते अमित सिंह ने भावुक संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया, “मेरे दादाजी महात्मा गांधी के विचारों से गहरे प्रभावित थे। बापू के आह्वान पर वे 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े, अंग्रेजों की लाठियां सहीं और जेल भी गए।” उन्होंने आगे कहा कि उनके बाबा उन्हें बहुत स्नेह करते थे और उन्होंने ही उन्हें पूरे भारत का दर्शन कराया था।

​राष्ट्रभक्ति की मिसाल थे स्व. श्यामानंद वर्मा

​स्व. श्यामानंद वर्मा के योगदान को बताते हुए अशोक प्रताप वर्मा ने कहा कि उनके ताऊजी एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे। आंदोलन के दौरान उन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा दो बार कठोर कारावास की सजा दी गई थी। आज उनकी 26वीं पुण्यतिथि पर समस्त परिवार और समाज उन्हें नमन करता है।

​सेनानियों के इतिहास का संरक्षण जरूरी

​संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने कहा कि स्व. जौहरी जी और स्व. वर्मा जी जैसे व्यक्तित्वों ने ब्रिटिश हुकूमत की यातनाएं और जुर्माना सहकर देश की आजादी की नींव रखी। संस्था की अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे और संरक्षक बाबा राव ने भी इस बात पर जोर दिया कि भावी पीढ़ी को इन सेनानियों के बलिदान और गाथाओं से परिचित कराना अनिवार्य है। उन्होंने नगर के प्रत्येक सेनानी परिवार के परिचय को संग्रहित करने का संकल्प दोहराया।

​वंदे मातरम् उद्यान की पट्टिका हेतु विधायक को ज्ञापन

​श्रद्धांजलि सभा के साथ ही एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल भी की गई। संगठन के प्रतिनिधियों ने नगर विधायक अमर अग्रवाल से भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने नवनिर्मित वन्दे मातरम् उद्यान में सेनानियों की नाम पट्टिकाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की कि उखड़ते हुए नामों के स्थान पर पत्थर पर नक्काशी कर स्थायी उल्लेख कराया जाए ताकि यह स्मृति जीवनपर्यंत सुरक्षित रहे।

​कार्यक्रम की झलकियां

  • प्रारंभ: प्रातः 10:00 बजे राष्ट्रीय ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन के साथ।
  • श्रद्धांजलि: उपस्थित सदस्यों ने सेनानियों के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की।
  • प्रमुख उपस्थिति: योगाचार्य अनिल तिवारी, अशोक रज्जन, राकेश जैन, श्रीमती कुमुद वर्मा, संतोष पिपलिया, कृष्ण यादव, राम नारायण पटेल, के के वर्मा और भारी संख्या में सेनानी परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।
  • संचालन व आभार: कार्यक्रम का सफल संचालन चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने किया और आभार प्रदर्शन कु. अदिति सिंह द्वारा किया गया।

आगामी कार्यक्रम:

संगठन की अगली बैठक और स्मरण कार्यक्रम 7 जून 2026 (जून माह के प्रथम रविवार) को प्रातः 10:00 बजे ‘पुरखों की ढेहरी’, राव निवास, गोड़पारा में आयोजित होगी।

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