नेहा रंजन
राजकोट | 09 अप्रैल 2026
स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 के तहत देश के शहरों की सूरत बदलने के साथ-साथ स्वच्छता के नायकों—सफाईमित्रों—के जीवन में भी क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बेहतर सैनिटेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए राज्य अब समावेशी विकास की नई गाथा लिख रहे हैं। इस कड़ी में गुजरात ने तकनीकी नवाचार को सामाजिक कल्याण के साथ जोड़कर एक ऐसा प्रेरक मॉडल पेश किया है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए एक मार्गदर्शिका बन गया है।
सीवर सफाई में रोबोटिक क्रांति: ‘मैनहोल’ से ‘मशीन-होल’ तक का सफर
राजकोट नगर निगम ने “जीरो-ह्यूमन-एंट्री” विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 2.29 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत रोबोटिक तकनीक को अपनाकर सीवर की खतरनाक मैनुअल सफाई को पूरी तरह समाप्त करने की पहल की गई है।
सुरक्षा और सम्मान: इस तकनीक के आने से अब सफाईमित्रों को जान जोखिम में डालकर सीवर के भीतर नहीं उतरना पड़ता।
नई पहचान: सफाईमित्र अब ‘रोबोट ऑपरेटर’ के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिससे न केवल उनकी कार्य दक्षता बढ़ी है, बल्कि समाज में उनकी स्थिति और सम्मान में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सामाजिक गरिमा का प्रतीक: आधुनिक सामुदायिक भवन
स्वच्छता कर्मियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राजकोट नगर निगम ने उनके लिए एक आधुनिक सामुदायिक भवन का निर्माण किया है। यह पहल केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि सफाई कर्मियों को सम्मानजनक सामाजिक जीवन देने का प्रयास है।
सुविधाएं: इस भवन में भव्य विवाह एवं कार्यक्रम हॉल, आधुनिक रसोई, भोजन कक्ष और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
लाभार्थी: इस समर्पित स्थान से लगभग 5000 से अधिक सफाई कर्मी परिवार लाभान्वित होंगे, जो अब अपने सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन गरिमा के साथ कर सकेंगे।
भरूच की पहल: महिला सफाईमित्रों का स्वास्थ्य और पोषण
स्वच्छता की इस लड़ाई में महिला सफाईमित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भरूच नगर पालिका ने उनके स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।
स्वास्थ्य जांच: शिविर में 108 महिला कर्मियों की गहन स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया।
जागरूकता: महिलाओं को नियमित पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि वे स्वस्थ रहते हुए अपने कार्य का निर्वहन कर सकें।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट का गुजरात मॉडल
गुजरात की ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि स्वच्छता केवल सड़कों और गलियों की सफाई तक सीमित नहीं है। SBM-U 2.0 के माध्यम से राज्य ने तकनीक (Technology), संरचना (Infrastructure) और सामाजिक कल्याण (Social Welfare) का एक संतुलित संगम बनाया है।
”स्वच्छता केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह सम्मान, सुरक्षा और समानता से जुड़ी एक व्यापक सोच है।”
