रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर। गुलाबी नगरी को स्वच्छता के पायदान पर शीर्ष पर लाने के लिए अब शहर के व्यापारियों ने कमान संभाल ली है। सोमवार को किशनपोल बाजार व्यापार मण्डल के सदस्यों ने एकजुट होकर जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया। व्यापारियों ने न केवल स्वयं स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली, बल्कि आमजन को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का बीड़ा भी उठाया।
गीले और सूखे कचरे के अलग निस्तारण पर जोर
व्यापार मण्डल के सदस्यों ने जयपुर वासियों को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों, दुकानों, रेस्टोरेंट और ठेलों से निकलने वाले कचरे का सही ढंग से प्रबंधन करें। उन्होंने जोर दिया कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करना बेहद जरूरी है, ताकि नगर निगम की गाड़ियों में उनका सही तरीके से निस्तारण किया जा सके।
इन प्रमुख पदाधिकारियों ने किया जागरूक
किशनपोल बाजार व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मनीष खूंटेटा के नेतृत्व में आयोजित इस जागरूकता अभियान में व्यापार जगत की कई हस्तियों ने भाग लिया। इस दौरान आनंद महरवाल, श्याम सुन्दर खण्डेलवाल, बजरंग लाल सोमानी, विजय प्रकाश खण्डाका, अशोक खण्डाका, फरमान अहमद, अनील जैन, अनील उडेरानी, राजकुमार जैननी, अबु तालिब, राजेश शर्मा, मोहन चौधरी और देवेन्द्र मेहता सहित अन्य व्यापारियों ने शहर को साफ रखने की शपथ ली।
समझें कचरे का फर्क: क्या है गीला और क्या है सूखा?
अभियान के दौरान व्यापारियों ने जनता को यह समझाने का प्रयास किया कि कौन सा कचरा किस श्रेणी में आता है, ताकि पृथक्करण (Segregation) आसान हो सके:
1. गीला कचरा (हरा डस्टबिन):
- रसोई का बचा हुआ कचरा और जूठन।
- फल एवं सब्जियों के छिलके।
- चाय की पत्ती और कॉफी पाउडर।
- फूल-पत्ते और बगीचे की काट-छांट से निकला कचरा।
2. सूखा कचरा (नीला डस्टबिन):
- प्लास्टिक की बोतलें, रैपर और कंटेनर।
- कागज, गत्ता और रद्दी।
- कांच की बोतलें और धातु के डिब्बे।
- हर प्रकार की पैकेजिंग सामग्री।
व्यापारियों की अपील
अध्यक्ष मनीष खूंटेटा ने कहा कि जयपुर की सुंदरता हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि हर दुकानदार और नागरिक अपनी दुकान या घर के सामने सफाई रखे और कचरे को सड़कों पर फेंकने के बजाय सीधे निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी में डाले, तो जयपुर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनने से कोई नहीं रोक सकता।