स्मार्ट सिटी की बदहाली: एम.आई. रोड के सरस्वती मार्ग पर कचरे के ढेर से राहगीर बेहाल, व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जयपुर | 07 जनवरी, 2026
| योगेश शर्मा
राजस्थान की राजधानी और ‘गुलाबी नगरी’ के हृदय स्थल कहे जाने वाले एम.आई. रोड क्षेत्र में स्वच्छता दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। सरस्वती मार्ग पर मुख्य सड़क के बीचों-बीच पड़ा कचरा और मलबे का ढेर राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। आलम यह है कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा अवरुद्ध होने के कारण यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
रास्ता अवरुद्ध, उड़ रही धूल
सरस्वती मार्ग पर लंबे समय से मलबे और कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे न केवल रास्ता संकरा हो गया है, बल्कि यहां से गुजरने वाले दुपहिया और चार पहिया वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों का कहना है कि कचरे की वजह से इलाके में बदबू फैली हुई है और उड़ती धूल ने लोगों का सांस लेना दूभर कर दिया है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
एम.आई. रोड व्यापार मंडल के महामंत्री सुरेश सैनी ने नगर निगम के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि:
- शिकायतों की अनदेखी: इस समस्या को लेकर व्यापार मंडल द्वारा बार-बार नगर निगम प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
- नियमित सफाई का अभाव: नगर निगम नियमित सफाई के बड़े-बड़े दावे तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इस मार्ग पर कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहा है।
व्यापारियों ने दी चेतावनी: “अब होगा आंदोलन”
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। सुरेश सैनी ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस मलबे और कचरे को नहीं हटाया गया, तो क्षेत्र के व्यापारी और निवासी मिलकर नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे और उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
”शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्र में इस तरह की अव्यवस्था प्रशासन की नाकामी को दर्शाती है। कचरे के कारण ग्राहकों का दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। अगर सुनवाई नहीं हुई तो हम सड़कों पर उतरेंगे।”
— सुरेश सैनी, महामंत्री (एम.आई. रोड व्यापार मंडल)
पर्यटन और व्यापार पर असर
एम.आई. रोड जयपुर का प्रमुख पर्यटन केंद्र भी है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी आते हैं। सरस्वती मार्ग जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर गंदगी का ऐसा नजारा शहर की छवि को धूमिल कर रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।