स्मार्ट मीटर योजना पूर्ववर्ती सरकार की मंजूरी से शुरू हुई : ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर
विधानसभा में दिया जवाब, कहा – स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त भार
जयपुर, 03 सितम्बर। नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने विधानसभा में बुधवार को कहा कि प्रदेश में वर्तमान में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगाए जा रहे हैं। इस योजना की क्रियान्विति की प्रक्रिया 21 मार्च 2022 को पूर्ववर्ती सरकार के समय कैबिनेट अनुमोदन से शुरू हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर कोई थोपी हुई योजना नहीं है, बल्कि पूर्ववर्ती सरकार ने ही इसे स्वीकार किया था। यदि उस समय मंजूरी नहीं दी जाती तो आज प्रदेश में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जा रहे होते।
नागर प्रश्नकाल में सदस्यों के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय ही स्मार्ट मीटर के 10 पैकेजों के टेंडर 16 जनवरी 2023 को आमंत्रित किए गए थे।
अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए स्मार्ट मीटर की शर्त
राज्यमंत्री नागर ने कहा कि आरडीएसएस योजना के तहत केंद्र से अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाना आवश्यक था। योजना की गाइडलाइन के अनुसार जब तक 25 प्रतिशत सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाते, तब तक अनुदान राशि प्राप्त नहीं हो सकती थी। इस शर्त को पूरा करने के लिए सरकार ने तेजी से कार्य करते हुए 25 प्रतिशत कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाकर सफलता हासिल की और अनुदान राशि प्राप्त की।
नए कनेक्शन में अस्थायी रूप से हटाई स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता
ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि नए कनेक्शन और खराब/जले मीटरों को बदलने के लिए तत्कालिक तौर पर सामान्य इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने की गाइडलाइन जारी की गई है। संवेदक कंपनियों द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य धीमी गति से चलने के कारण यह निर्णय लिया गया ताकि उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन में देरी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी व्यवस्था है और जैसे ही पर्याप्त स्मार्ट मीटर उपलब्ध होंगे, सभी कनेक्शनों पर इन्हें लगाया जाएगा।
प्रदेश में लगाए गए स्मार्ट मीटरों का विवरण
विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार—
- इंटीग्रेटेड पॉवर डवलपमेंट स्कीम (IPDS) और नेशनल स्मार्ट ग्रिड मिशन (NSGM) योजना के तहत नवंबर 2020 से मार्च 2024 तक 5 लाख 39 हजार 413 स्मार्ट मीटर लगाए गए।
- आरडीएसएस योजना के तहत 22 अगस्त 2025 तक 5 लाख 31 हजार 670 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
राज्यमंत्री नागर ने जिलेवार और श्रेणीवार विवरण सदन के पटल पर रखा।
टेंडर और न्यायालयीन प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि RDSS योजना के लिए नोडल एजेंसी Rural Electrification Corporation Limited (RECL) द्वारा 20 अगस्त 2022 को स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट जारी किया गया। इसके तहत 16 जनवरी 2023 को 10 पैकेजों में टेंडर आमंत्रित किए गए। राजस्थान उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण निविदा प्रक्रिया कुछ समय रुकी, लेकिन 10 अक्टूबर 2023 को आदेश हटने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और कार्यादेश जारी किए गए।
उपभोक्ताओं पर नहीं होगा अतिरिक्त भार
नागर ने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। पुराने, अकार्यशील और अवधिपार मीटरों का निपटारा नियमानुसार नीलामी द्वारा स्क्रैप के रूप में किया जाएगा और उससे प्राप्त राशि संबंधित डिस्कॉम के राजस्व खाते में जमा होगी।