| नरेश गुनानी
आयोग ने ओबीसी वर्ग को पर्याप्त राजनैतिक प्रतिनिधित्व देने हेतु जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संस्थाओं से लिया फीडबैक
ओबीसी वर्ग को उचित राजनैतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए आयोग प्रतिबद्ध, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण के लिए ठोस नीति-निर्माण आवश्यक : मदन लाल भाटी, अध्यक्ष, ओबीसी आयोग
जयपुर, 02 दिसम्बर।
स्थानीय निकायों एवं पंचायत राज संस्थाओं में राजनैतिक प्रतिनिधित्व को लेकर राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने मंगलवार को जिला परिषद् सभागार में संभाग स्तरीय जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया।
आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत न्यायाधीश मदन लाल भाटी, सदस्य गोपाल कृष्ण, प्रो. राजीव सक्सेना, मोहन मोरवाल, पवन मंडाविया और सचिव अशोक कुमार जैन ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिक संस्थाओं से संवाद किया।
कार्यक्रम में मालवीय नगर विधायक कालीचरण सरार्फ, सिविल लाइन्स विधायक डाॅ. गोपाल शर्मा, शाहपुरा विधायक मनीष यादव, जिला प्रमुख जयपुर रमा देवी चैपड़ा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद प्रतिभा वर्मा सहित संभाग के सातों जिलों—दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर एवं झुंझुनू से आए जनप्रतिनिधि, सामाजिक व नागरिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जनसंवाद के दौरान आयोग के अध्यक्ष मदन लाल भाटी ने कहा कि आयोग संभाग स्तर पर संवाद के माध्यम से ओबीसी वर्ग को राजनैतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए फीडबैक लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिससे ओबीसी वर्ग को स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
“जल्द होगा ओबीसी वर्ग को लेकर विस्तृत सर्वे”
मदन लाल भाटी ने बताया कि आयोग स्वतंत्र रूप से एक विस्तृत सर्वे कार्य भी प्रारम्भ करेगा। इसमें 19 बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके तहत ओबीसी वर्ग की राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक स्थिति का पारदर्शी मूल्यांकन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आयोग ओबीसी वर्ग के वंचितों को आरक्षण का लाभ मिल सके, इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
आयोग के सदस्य-सचिव अशोक जैन ने आयोग के गठन, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संवाद एवं सर्वे कार्य कर रहा है। सर्वे कार्य के लिए स्वतंत्र एजेंसी के साथ-साथ मोबाइल एप का भी उपयोग किया जाएगा ताकि सटीक एवं विस्तृत डेटा एकत्रित किया जा सके।
उन्होंने नागरिकों और संगठनों से भी आग्रह किया कि वे स्थानीय निकायों में राजनैतिक आरक्षण से जुड़े सुझाव आयोग के कार्यालय, ई-मेल या व्यक्तिगत रूप से आकर प्रस्तुत कर सकते हैं।
सिविल लाइन्स विधायक डाॅ. गोपाल शर्मा ने ओबीसी वर्ग को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने का समर्थन किया।
शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने जनसंख्या के आधार पर ओबीसी को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनसंवाद कार्यक्रम में ये आए सुझाव
जयपुर संभाग के सातों जिलों के सामाजिक व नागरिक संगठनों ने अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
- जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने का सुझाव प्रमुखता से सामने आया।
- कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि—ओबीसी वर्ग में मूल ओबीसी जातियों का संरक्षण करते हुए पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के रूप में श्रेणीकरण कर राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
- कुछ सुझावों में यह भी कहा गया कि राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक पिछड़ापन जिलेवार भिन्न है, इसलिए राजनैतिक प्रतिनिधित्व भी जिलेवार तय होना चाहिए।
जनसंवाद कार्यक्रम में सुझाव देने वाले प्रमुख प्रतिनिधि
कार्यक्रम में उप जिला प्रमुख मोहन डागर, अधिवक्ता मदन लाल पुरी, जालसू प्रधान हरदेव यादव, सरपंच सांवरमल, एनजीओ प्रतिनिधि ईवादीप सक्सेना, सत्यनारायण सोनी, नरेशपाल यादव, विरेंद्र सिंह रावणा, प्रवीण तंवर सहित सातों जिलों से आए अनेक जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।