स्टोनमार्ट में राजस्थान की खनिज संपदा का दिखेगा दबदबा: माइंस पेवेलियन में प्रदर्शित होंगी 40 से अधिक पत्थर की वैरायटियां

स्टोनमार्ट में राजस्थान की खनिज संपदा का दिखेगा दबदबा: माइंस पेवेलियन में प्रदर्शित होंगी 40 से अधिक पत्थर की वैरायटियां

जयपुर | 25 जनवरी 2026

| नरेश गुनानी

​जयपुर में आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘स्टोनमार्ट’ में राजस्थान के डायमेंशनल स्टोन की विविधता और गुणवत्ता पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित की जाएगी। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने खनिज भवन में तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान का ‘माइंस पेवेलियन’ देश-विदेशी आगंतुकों के लिए बहुआयामी और ज्ञानपरक होना चाहिए।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​राजस्थान के पत्थरों की विश्वव्यापी पहचान

​प्रमुख सचिव ने कहा कि राजस्थान खनिजों, विशेषकर पत्थरों की दृष्टि से विश्व का एक प्रमुख केंद्र है। प्रदेश में उपलब्ध डायमेंशनल स्टोन की ऐतिहासिक और आधुनिक महत्ता जगजाहिर है:

  • ऐतिहासिक उपयोग: ताजमहल और संसद भवन से लेकर अयोध्या के श्री राम मंदिर तक में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग हुआ है। राम मंदिर के निर्माण में विशेष रूप से बंशी पहाड़पुर के सेंड स्टोन का प्रयोग किया गया है।
  • विविध वैरायटियां: पेवेलियन में मार्बल, ग्रेनाइट, कोटा स्टोन, सेंडस्टोन और क्वार्टजाइट की 40 से अधिक किस्मों को प्रदर्शित किया जाएगा।
  • रंगों का खजाना: राजस्थान में सफेद मार्बल के अलावा ग्रेनाइट की भी अद्भुत रेंज है, जिसमें हरा, काला, रोजी पिंक और सफेद ग्रेनाइट प्रमुख हैं।

​माइंस पेवेलियन: जिज्ञासाओं का समाधान और निवेश की राह

​टी. रविकान्त ने बताया कि पेवेलियन का मुख्य उद्देश्य केवल पत्थरों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि खनन क्षेत्र में रुचि रखने वाले निवेशकों और आगंतुकों की जिज्ञासाओं का समाधान करना भी है। पेवेलियन में यह जानकारी भी उपलब्ध रहेगी कि:

  1. ​विभिन्न किस्म के डायमेंशनल स्टोन के भंडार प्रदेश में कहाँ-कहाँ उपलब्ध हैं।
  2. ​किस पत्थर की क्या तकनीकी विशेषता और उपयोगिता है।
  3. ​राजस्थान की खनिज संपदा के संबंध में विस्तृत ज्ञानपरक जानकारी।

​विभाग और आरएसएमएम की संयुक्त भागीदारी

​नोडल अधिकारी एवं अधीक्षण खनि अभियंता (जयपुर) संजय सक्सेना ने बताया कि प्रदर्शनी को आकर्षक और प्रभावी बनाने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं, अतिरिक्त निदेशक (भूविज्ञान) एसएन डोडिया ने जानकारी दी कि पेवेलियन में प्रदर्शित हर सामग्री के साथ उसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। आरएसएमएम (RSMM) के वरिष्ठ प्रबंधक असीम अग्रवाल के अनुसार, निगम द्वारा उत्पादित खनिजों को भी इस मार्ट में विशेष स्थान दिया जाएगा।

​मुख्य आकर्षण:

  • सेंडस्टोन: आधा दर्जन से अधिक डिजाइन और रंगों के सेंडस्टोन का प्रदर्शन।
  • कोटा स्टोन: फर्श और बाहरी सजावट के लिए प्रसिद्ध कोटा स्टोन की विशिष्ट पहचान।
  • आधुनिक तकनीक: खनन और प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों का विवरण।

​यह स्टोनमार्ट राजस्थान को वैश्विक स्टोन मार्केट में एक ‘हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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