स्टेट लिटिगेशन पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा मुख्य सचिव ने कहा— केंद्रीकृत रजिस्ट्री सिस्टम से मुकदमों के प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता

स्टेट लिटिगेशन पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा
मुख्य सचिव ने कहा— केंद्रीकृत रजिस्ट्री सिस्टम से मुकदमों के प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता

| नरेश गुनानी
जयपुर, 20 दिसंबर।
राज्य सरकार की स्टेट लिटिगेशन पॉलिसी-2018 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सरकार से जुड़े मुकदमों के बेहतर प्रबंधन को लेकर शनिवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। बैठक में विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जोधपुर पीठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
मुख्य सचिव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों के अभिलेखागारों में रखी फाइलों एवं दस्तावेजों का सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन समय की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्रीकृत रजिस्ट्री सिस्टम को अपनाया जाना चाहिए, जिससे मामलों की निगरानी, त्वरित उपलब्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने सरकार से संबंधित न्यायालयों में लंबित प्रकरणों, न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन, निष्पादन कार्यवाहियों तथा मध्यस्थता से जुड़े मामलों पर विशेष संज्ञान लिया। मुख्य सचिव ने कहा कि इन विषयों पर राज्य सरकार द्वारा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि वर्तमान वाद नीति में मध्यस्थता से संबंधित प्रावधानों को और अधिक सशक्त बनाए जाने की आवश्यकता है, ताकि अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचा जा सके और विवादों का समाधान वैकल्पिक माध्यमों से किया जा सके। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में इस दिशा में नई या संशोधित नीति लाने पर भी विचार किया जाएगा।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित प्रशिक्षण, संवाद एवं समीक्षा बैठकों से शासन और विधि क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है। इससे न केवल मामलों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि सरकारी हितों की प्रभावी पैरवी भी संभव हो सकेगी।
बैठक के दौरान प्राप्त सुझावों की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस प्रकार की निरंतर सहभागिता से राज्य की विधिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।
बैठक में महाधिवक्ता राजस्थान राजेन्द्र प्रसाद, प्रमुख शासन सचिव विधि एवं विधिक कार्य विभाग राघवेंद्र काछवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर आत्माराम सावंत, शासन सचिव राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग डॉ. जोगा राम, जयपुर पीठ से आए अतिरिक्त महाधिवक्ता तथा शासकीय अधिवक्तागण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जोधपुर पीठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त महाधिवक्तागण भी बैठक से जुड़े।

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

राजस्थान वाटरग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड को मजबूती प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता: मुख्य सचिव

राजस्थान वाटरग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड को मजबूती प्रदान करना राज्य...