सौर ऊर्जा और पीएमएफएमई योजना ने बदली ग्रामीण उद्यमी की किस्मत: चार राज्यों तक फैला चिरौंजी का कारोबार
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
रायपुर: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की नई मिसाल पेश करते हुए उद्यमी प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और सौर ऊर्जा के समन्वय से बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने न केवल अपने व्यवसाय को चार राज्यों तक विस्तारित किया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं।
सौर ऊर्जा से बिजली बिल हुआ ‘शून्य’
वनीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर होने वाली विद्युत आपूर्ति की समस्याओं को देखते हुए, प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपनी प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से जोड़ दिया है। सौर ऊर्जा के इस प्रभावी उपयोग के परिणाम स्वरूप:
- यूनिट का बिजली बिल अब शून्य हो गया है।
- उत्पादन कार्य बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रहता है।
- बिजली खर्च खत्म होने से उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।
चार राज्यों में कारोबार और लाखों की आय
चिरौंजी, हर्रा और बहेरा जैसे लघु वनोपज उत्पादों की बाजार में भारी मांग है। अपनी गुणवत्तापूर्ण प्रोसेसिंग के दम पर उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ की सीमाओं को लांघकर महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक फैल चुका है। इस व्यापार से उन्हें सालाना लगभग 4 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवनस्तर में व्यापक सुधार आया है।
महिला सशक्तिकरण और वन संरक्षण को बढ़ावा
यह पहल केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव भी पैदा किया है:
- रोजगार सृजन: स्थानीय स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्रोसेसिंग यूनिट में काम मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
- जागरूकता: लघु वनोपज संग्रहण और पौध संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में रुचि बढ़ी है।
- स्थानीय अवसर: गांव के युवाओं और महिलाओं को घर के पास ही टिकाऊ आजीविका मिल रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार
अपनी सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार के लिए एक वरदान साबित हो रही है। उन्होंने इस प्रभावी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति विशेष आभार प्रकट किया।

