छत्तीसगढ़
सेवा निवृत्त हुए छत्तीसगढ़ गाड़ा समाज के गौरव के.एल. चौहान, समाज ने दी भावभीनी विदाई
Edited By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 05,2025
रायगढ़/दुर्ग, 5 जून 2025
छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गाड़ा समाज के प्रेरणा स्रोत कुमार लाल चौहान (IAS) ने 31 मई 2025 को अधिवार्षिकी आयु (60 वर्ष) पूर्ण कर जिला कलेक्टर पद से सेवा निवृत्ति ग्रहण कर ली। इस अवसर पर प्रदेशभर से उन्हें शुभकामनाओं, श्रद्धा और सम्मान से भरपूर संदेश प्राप्त हो रहे हैं। चौहान न केवल एक उत्कृष्ट प्रशासक रहे, बल्कि सामाजिक चेतना के अग्रदूत भी रहे हैं।
ग्राम देवगढ़ से प्रशासन के शिखर तक का सफर
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम देवगढ़ के साधारण परिवार में जन्मे चौहान ने विषम परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर अपने अथक परिश्रम और समर्पण से राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) में चयन प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यों से सरकार और समाज दोनों का विश्वास जीतते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अवॉर्ड प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ गाड़ा समाज के वे अब तक के एकमात्र IAS अधिकारी हैं, जो समाज के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।
प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्टता का उदाहरण
चौहान बस्तर जिले में जिला पंचायत CEO के रूप में कार्य करते समय राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए। इसके अतिरिक्त वे भिलाई नगर निगम के प्रशासक, छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल में उप सचिव तथा कांकेर, बलौदा बाजार–भाटापारा एवं जांजगीर-चांपा के जिला कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी प्रशासनिक दक्षता का प्रदर्शन कर चुके हैं।
जातिगत भेदभाव के बावजूद संघर्षशील और प्रेरणादायी व्यक्तित्व
चौहान का प्रशासनिक जीवन संघर्षों से भरा रहा है। समय पर पदोन्नति और पदस्थापना में उन्हें समाज की जातिगत उपेक्षा का सामना करना पड़ा, किंतु सत्य और कर्म के मार्ग पर चलते हुए उन्होंने बलौदा बाजार-भाटापारा में एक साजिश को निष्कलंक होकर पार किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श और मार्गदर्शक बनकर रहेगा।
समाज ने जताई नई भूमिका की आशा
सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रदेशभर से समाज के प्रबुद्धजनों, अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें नई सामाजिक जिम्मेदारियों में भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई है। रायगढ़ के डीएसपी कुंजराम चौहान, दुर्ग से मोहन गंधर्व, भिलाई से , डॉ. दिलीप सोनवानी, गजेन्द्र चौहान व्याख्याता सारंगढ़ सहित सैकड़ों लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और समाज के विभिन्न मुद्दों पर मार्गदर्शन देने की अपेक्षा जताई।
“रिटायरमेंट रोड का अंत नहीं, हाइवे की शुरुआत है”
चौहान के प्रति शुभकामना संदेशों में यह संदेश स्पष्ट रूप से झलकता है कि रिटायरमेंट उनके लिए एक नई सामाजिक यात्रा की शुरुआत है। अब समाज को उनसे अनुसूचित जनजाति की बहाली, सामाजिक समरसता और युवा मार्गदर्शन जैसे विषयों पर नेतृत्व की उम्मीद है।
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IAS केएल चौहान के सेवानीवृत्त होने पर समाज की ओर से भावभीनी शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ के एकमात्र IAS अधिकारी रहे केएल चौहान ने 31 मई 2025 को अधिवार्षिकी आयु (60 वर्ष) पूर्ण कर प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। यह न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गौरव का क्षण रहा। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम देवगढ़ निवासी केएल चौहान ने अपने करियर की शुरुआत राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) से की थी, और अपनी क्षमता, कर्मठता और प्रशासनिक उत्कृष्टता के चलते भारत सरकार ने उन्हें IAS के रूप में चयनित किया।
वे छत्तीसगढ़ गांड़ा समाज के एकमात्र IAS अधिकारी हैं — यह उपलब्धि समाज के लिए गर्व, आत्मबल और प्रेरणा का स्रोत रही है। उनके सेवाकाल में उन्होंने बस्तर में जिला पंचायत CEO, भिलाई नगर निगम प्रशासक, राजस्व मंडल के उप सचिव, और कांकेर, बलौदा बाजार-भाटापारा, तथा जांजगीर-चांपा जैसे जिलों के कलेक्टर पदों पर रहते हुए अतुलनीय कार्य किए। बस्तर में उत्कृष्ट सेवा हेतु उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया।
हालांकि, समाज की मुख्यधारा से उपेक्षित वर्ग से आने के कारण उन्हें कभी-कभी पदस्थापन में भेदभाव और साजिशों का सामना करना पड़ा। बलौदा बाजार-भाटापारा में एक गंभीर साजिश में उन्हें फंसाने की कोशिश की गई थी, लेकिन सत्य की जीत हुई और वे पूरी तरह से निर्दोष साबित हुए।
उनकी ईमानदारी, कार्यनिष्ठा और सामाजिक प्रतिबद्धता उन्हें सामान्य अफसरों से अलग बनाती हैं। यदि उन्हें समय पर उपयुक्त पदस्थापन प्राप्त होता, तो वे और भी ऊँचाइयों को छू सकते थे, जिससे समाज को कई और प्रेरणास्पद उपलब्धियाँ मिलतीं।
प्रेरणा स्रोत के रूप में समाज के लिए दर्पण हैं चौहान
गनपत चौहान (घरघोड़ा, पतरापाली) ने अपने संदेश में कहा,
“हमारे जाति-समाज के एकमात्र IAS रह चुके माननीय केएल चौहान साहब ने एक आला अधिकारी होते हुए भी सामाजिक समारोहों में मुख्य अतिथि की आसंदी पर बैठकर समाज को गति देने का प्रयास किया। उनके कार्य समाज के लिए एक दर्पण हैं। वे हमारे लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं, जिनके आदर्शों को आत्मसात कर हमें आगे बढ़ना चाहिए। सेवा निवृत्ति के पश्चात अब वे समाज की बहुप्रतीक्षित मांग – अनुसूचित जनजाति की बहाली – जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। उनके उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।”
हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं
गाड़ा समाज के इस बुद्धिजीवी और प्रेरणास्रोत को सेवा निवृत्ति पर कोटिशः बधाइयाँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे स्वस्थ, दीर्घायु और ऊर्जा से भरपूर रहें, ताकि समाज को उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ निरंतर मिलता रहे।