सेवानिवृत्त महिला अधिकारी के बैंक खाते से 22 लाख रुपये पार: ऑनलाइन ठगी की आशंका से सदमे में पीड़िता
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
छाल (छत्तीसगढ़): धरमजयगढ़ क्षेत्र के छाल थाना अंतर्गत साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) से सेवानिवृत्त हुई एक महिला अधिकारी के एसबीआई (SBI) खाते से लगभग 22 लाख रुपये रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं। इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद पीड़िता गहरे सदमे में है।
कभी नहीं किया ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, फिर भी खाली हुआ खाता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सपना दास SECL छाल के कार्मिक (Personal) विभाग में कार्यरत थीं और इसी वर्ष जून माह में सेवानिवृत्त हुई हैं। अविवाहित सपना दास वर्तमान में नवापारा कॉलोनी स्थित SECL के क्वार्टर नंबर C-5 में अकेले रहती हैं।
हैरानी की बात यह है कि पीड़िता ने कभी भी ऑनलाइन बैंकिंग या डिजिटल लेनदेन का उपयोग नहीं किया था। वे अपनी जरूरतों के लिए हमेशा सीधे बैंक जाकर ही पैसे निकालती थीं। जब वे हाल ही में अपने खाते से नकदी निकालने बैंक पहुंचीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें बताया गया कि उनके खाते में मात्र 2,000 रुपये ही शेष बचे हैं, जबकि शेष 22 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
बैंक स्टेटमेंट से हुआ खुलासा
बैंक से प्राप्त स्टेटमेंट की जांच करने पर पता चला कि पूरी राशि ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में निकाली गई है। चूंकि सपना दास तकनीकी रूप से बहुत जागरूक नहीं थीं और अकेले रहती हैं, इसलिए उन्हें इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी।
भविष्य की जमापूंजी को लेकर डर
पीड़िता ने छाल थाना में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सपना दास को अब यह डर सता रहा है कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन, पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी की बाकी रकम भी कहीं इसी तरह गायब न हो जाए। विभाग द्वारा उनसे संपर्क किया गया है, लेकिन इस घटना के बाद वे इतनी भयभीत हैं कि उन्हें अपने ही बैंक खाते पर भरोसा नहीं रहा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
इस संवेदनशील मामले पर छाल थाना के एसआई मदन पाटले ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।
”मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अभियोजन (Prosecution) की सलाह के लिए भेजा गया है। वहां से विधिक राय और दिशा-निर्देश मिलने के तुरंत बाद एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। साइबर सेल की मदद से उन खातों को ट्रेस करने की कोशिश की जाएगी जहाँ रकम ट्रांसफर हुई है।”
यह घटना याद दिलाती है कि साइबर अपराधी उन लोगों को सॉफ्ट टारगेट बनाते हैं जो डिजिटल बैंकिंग से दूर रहते हैं या अकेले रहते हैं। अपने बैंक खाते की नियमित जांच करते रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया न दें।
