सेन समाज ने लिया ऐतिहासिक फैसला: दहेज प्रथा और मृत्यु भोज पर लगाई पाबंदी, समाज सुधार के लिए जुटाई आर्थिक मदद
By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 15,2025
(हरिप्रसाद शर्मा / पुष्कर) — अखिल भारतीय मारु जांगड़ा सेन समाज, दिल्ली मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को पुष्कर में आयोजित की गई। इस कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ सदस्य फूलचंद सैन ने की। बैठक में समाज के कई प्रमुख बंधुओं की उपस्थिति रही और समाज सुधार से जुड़े अहम निर्णय लिए गए।
दहेज प्रथा और मृत्यु भोज पर पूर्ण पाबंदी
बैठक का सबसे बड़ा फैसला समाज में दहेज प्रथा और मृत्यु भोज पर पूर्ण पाबंदी को लेकर रहा। सभी उपस्थित सदस्यों ने इस कुप्रथा को समाज के लिए घातक बताते हुए सर्वसम्मति से इसे समाप्त करने का संकल्प लिया। यह निर्णय समाज में समानता, आर्थिक संतुलन और सरल जीवन शैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
शिक्षा को समाज सुधार का आधार बनाने पर जोर
बैठक में समाज सुधार के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई। समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जाने का निर्णय हुआ। शिक्षा को ही सामाजिक उत्थान की असली कुंजी मानते हुए सभी सदस्यों ने इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
नव निर्माण कार्य हेतु आर्थिक सहयोग
बैठक के दौरान समाज की सुविधाओं के विस्तार हेतु नए निर्माण कार्यों की स्वीकृति भी ली गई। इस उद्देश्य के लिए समाज के बंधुओं ने एकजुटता दिखाते हुए 50 गद्दे और पानी के केन की खरीद के लिए आवश्यक धनराशि का संग्रह किया। यह सहयोग समाजिक आयोजनों को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख समाज बंधु
इस अवसर पर समाज के कई प्रतिष्ठित सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें हनुमान राम, गोविंद सैन, हीरालाल सैन, पुखराज सैन, जवरी मल, जगदीश सेन, पन्नालाल सेन, सूरजमल सेन, रमेश सेन, नोरतमल सेन और महेश सेन प्रमुख रहे। सभी ने मिलकर समाज को नई दिशा देने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।
आभार प्रदर्शन
बैठक के अंत में पुखराज सेन ने सभी उपस्थित समाज बंधुओं का आभार प्रकट किया और भविष्य में समाज हित में ऐसे और भी निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया।