सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला 10 हज़ार का इनामी बदमाश गिरफ्तार
जयपुर, 01 सितंबर। गौरव कोचर।टेलीग्राफ टाइम्स।
राजस्थान पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह आरोपी आर्मी से भगोड़ा है और उस पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था।
मामला कैसे खुला
यह धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब 5 अप्रैल 2023 को गंगासिंह और प्रवीण भाटी नामक दो पीड़ितों ने ओसिया थाने (जोधपुर ग्रामीण) में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2022 को उनकी मुलाकात आरोपी अनु सिंह उर्फ अनु पुत्र अर्जुन जाट (निवासी बृजनगर कॉलोनी, थाना मथुरा गेट, भरतपुर) से हुई।
आरोपी ने खुद को आर्मी से जुड़ा बताते हुए सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और प्रति व्यक्ति 3.5 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी को नकद व ऑनलाइन माध्यम से कुल 10 लाख 70 हजार रुपये दिए। पैसे लेने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर जाली जॉइनिंग लेटर भेज दिए और फिर उनसे संपर्क तोड़ दिया।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) श्री दिनेश एम.एन. के निर्देश पर फरार अपराधियों की धर-पकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस पर उप महानिरीक्षक पुलिस श्री दीपक भार्गव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में एक विशेष टीम गठित हुई।
चार दिन तक लगातार रेकी करने के बाद टीम को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आने वाला है। आसूचना संकलन और तकनीकी निगरानी से सूचना की पुष्टि की गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2018 में आर्मी से भाग गया था। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसी वर्ष उसे भरतपुर जिले के चिकसाना थाने की पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत भी गिरफ्तार किया था। आरोपी युवाओं को आर्मी भर्ती और सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगता रहा है। पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम
इस पूरी कार्रवाई में एएसआई शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल अरुण कुमार, कांस्टेबल बृजेश शर्मा और श्रवण कुमार ने अहम भूमिका निभाई। इनके अलावा हेड कांस्टेबल मदनलाल शर्मा भी टीम का हिस्सा रहे।
मथुरा गेट थाने के एसएचओ मदनलाल मीणा और हेड कांस्टेबल अनिल कुमार ने भी इस ऑपरेशन में सराहनीय सहयोग दिया।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी को आगे की जांच और मुकदमे की कार्यवाही के लिए जोधपुर ग्रामीण पुलिस के हवाले किया जाएगा।