सेनानी परिवार ने गांधी-शास्त्री जयंती मनाई
स्वदेशी स्वाभिमान और स्वराष्ट्र का बोध कराता है – डॉ. जितपुरे
बिलासपुर, 02 अक्टूबर। गणपत चौहान, छत्तीसगढ़
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवारजनों ने आज नगर स्थित महामाया खादी आश्रम (पुराना बस स्टैंड) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई। कार्यक्रम में गांधी-शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ. शकुंतला जितपुरे ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम में स्वदेशी को आधार बनाकर उसे जनांदोलन का रूप दिया। स्वदेशी न केवल वैचारिक बल्कि व्यावहारिक विषय है, जो आत्मसम्मान और स्वराष्ट्र की चेतना का बोध कराता है।
मुख्य वक्ता एवं पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने कहा कि महर्षि अरविंद, लोकमान्य तिलक और महात्मा गांधी ने स्वदेशी को दृढ़तापूर्वक अपनाकर पूरे देश को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की तरह अनुशासित और ईमानदार नागरिक बनें तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप स्वदेशी वस्तुएँ खरीदें, जिससे देश आत्मनिर्भर बने और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को स्वदेशी, स्वराष्ट्र, स्वभाषा, स्ववेशभूषा, स्वसंस्कृति और स्वधर्म अपनाने की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारियों द्वारा गांधी और शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई।
इस मौके पर डॉ. शकुंतला जितपुरे, चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, योगेश तिवारी, डॉ. उषा किरण बाजपेयी, संजय तिवारी, अशोक रंजन वर्मा, कुमुद वर्मा, सोनम साहू, आरती साहू, कुंज बिहारी मिश्रा, किरण शुक्ला, अखिलेश बाजपेयी, अमित कुमार, प्रमोद मिश्रा, लवकुश दिवेदी, रमेश श्रीवास, संजीव सिन्हा, डॉ. शिवनाथ श्रीवास, किशन यादव, सुयश मिश्रा, ऋषि मिश्रा, राम नारायण पटेल सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन के. बी. मिश्रा ने किया।