सेनानी कालीचरण तिवारी की 40वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, अमर सेनानियों की गाथा को याद किया गया
बिलासपुर, 7 सितंबर। गणपत चौहान ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़ टेलीग्राफ टाइम्स ।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा आज रविवार सुबह “10 मिनट सेनानियों के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत महान क्रांतिकारी एवं राष्ट्र चेतना के ध्वजवाहक स्व. पं. कालीचरण तिवारी जी की 40वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

राष्ट्रभक्ति और त्याग का स्मरण
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज वंदन और सेनानी कालीचरण तिवारी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इस अवसर पर संगठन की अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे, संरक्षक ई. रमेंद्र राव बाबा, चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, इंदर टहलियानी और शिवनाथ श्रीवास सहित अनेक उत्तराधिकारी उपस्थित रहे।
संरक्षक रमेंद्र राव बाबा ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा—
“1942 के आंदोलन के समय गोलबाजार में उनकी अध्यक्षता में सभा हुई थी। सभी नेता गिरफ़्तार हो गए थे, तब युवा सेनानी कालीचरण तिवारी ने आगे बढ़कर सभा को संबोधित किया और स्वयं गिरफ्तारी दी। यही उनकी राष्ट्रभक्ति और साहस का परिचायक है।”
अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे का आह्वान
डॉ. शकुंतला जितपुरे ने उपस्थित उत्तराधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक बैठक में पाँच-पाँच नए परिवारजनों को जोड़ा जाए, ताकि नई पीढ़ी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से अवगत हो सके। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को अमर शहीदों की गाथा स्मरण कराना और उनके आदर्शों को जीवन में उतारना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

सेनानी कालीचरण तिवारी का योगदान
पूर्व विधायक एवं कार्यक्रम संयोजक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बताया कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में कालीचरण तिवारी जी की भूमिका अविस्मरणीय रही। सभा के दौरान गिरफ्तारी देने के बाद उन्हें पुलिस द्वारा मारपीट कर ले जाया गया और एक वर्ष दो माह की कड़ी सजा सुनाई गई।
उन्होंने कहा कि इस पुण्यतिथि पर न केवल उनके त्याग को याद किया गया, बल्कि उत्तराधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि हर महीने “10 मिनट अमर शहीदों के नाम” कार्यक्रम को निरंतर जारी रखा जाएगा।
राष्ट्रीय अधिवेशन की घोषणा
सभा में यह जानकारी भी दी गई कि आगामी 25-26 अक्तूबर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन अमृतसर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के सेनानी परिवार शिरकत करेंगे।
स्मारक और सम्मान की पहल
बैठक में नगर विधायक अमर अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की गई। उन्होंने घोषणा की है कि शहर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति को जीवंत रखने हेतु सेवा सदन से शिव टॉकीज रोड तक नव निर्मित गार्डन में सेनानियों के जीवन लेख और नाम पट्टिका लगाई जाएगी। साथ ही स्मार्ट कार पार्किंग का नाम स्व. पं. गंगाप्रसाद बाजपेयी के नाम पर रखने की बात भी तय की गई। उपस्थित उत्तराधिकारियों ने इस निर्णय का हर्षपूर्वक स्वागत किया।
उत्तराधिकारियों की भागीदारी
कार्यक्रम में डॉ. शिवनाथ श्रीवास, श्रीमती प्रतिमा रमाशंकर शुक्ला, डॉ. उषा किरण बाजपेयी, इंदर टहलियानी, अशोक तिवारी, सोनम मनीष साहू, डॉ. रश्मि बाजपेयी, रमेश श्रीवास, दीक्षा मिश्रा, तृप्ति शुक्ला, ईकूश शुक्ला, हनी शुक्ला, आभा शुक्ला, सुभाष तिवारी, श्रद्धा तिवारी सहित बड़ी संख्या में सेनानी परिवार उपस्थित रहे।
सभी ने इस बात पर जोर दिया कि नगर की महान विभूतियों को जीवित रखने के लिए प्रेरक कार्य करने होंगे—चाहे वह वृक्षारोपण हो, शिक्षा और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हो या समाजसेवा के अन्य कार्य।

