जयपुर/ मुस्कान तिवाड़ी/राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को गति देने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट, लॉजिस्टिक्स तथा एग्रो, फूड एवं मिल्क प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए पृथक-पृथक टास्क फोर्स का गठन किया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान देश के अग्रणी निर्यातक राज्यों में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य से लगभग एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया गया, जिसमें अकेले टेक्सटाइल और उससे जुड़े क्षेत्रों का योगदान करीब 13,700 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
प्रमुख क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित रणनीति
- टेक्सटाइल एवं हैंडीक्राफ्ट: टेक्सटाइल क्षेत्र राज्य के निर्यात का मुख्य आधार है। ऐसे में इस क्षेत्र में नए निवेश, उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टास्क फोर्स काम करेगी। वहीं, वैश्विक स्तर पर विख्यात राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- लॉजिस्टिक्स सेक्टर: प्रदेश में औद्योगिक कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे और लॉजिस्टिक्स पार्क्स के विस्तार से बन रहे नए अवसरों को भुनाने तथा बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से लॉजिस्टिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
- एग्रो, फूड एवं मिल्क प्रोसेसिंग: कृषि और दुग्ध उत्पादन में अग्रणी होने के बावजूद उपज के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए यह टास्क फोर्स कार्य करेगी।
त्वरित क्रियान्वयन और निगरानी
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि इन टास्क फोर्स के गठन से निवेश प्रस्तावों का समयबद्ध और त्वरित क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। साथ ही, अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार होगा और चालू परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा सकेगी। यह पहल राज्य में नया निवेश आकर्षित करने, निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मील का पत्थर साबित होगी।