मुंबई। आर बी चतुर्वेदी ,जोनल मीडिया सलाहकार
सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) ऑडिटोरियम में सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (CRMS) द्वारा एक विशाल जोनल कमर्शियल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस भव्य सम्मेलन की अध्यक्षता CRMS के अध्यक्ष एवं NFIR के संयुक्त महामंत्री डॉ. प्रवीण बाजपेयी ने की। कॉन्फ्रेंस में मुंबई, भुसावल, नागपुर, पुणे और सोलापुर सहित मध्य रेलवे के सभी मंडलों से भारी संख्या में वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों, टिकट चेकिंग स्टाफ, बुकिंग स्टाफ और आरक्षण विभाग के कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अध्यक्ष एवं उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिवंगत नेता एस.एम. शुक्ला के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथि अधिकारियों का शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

रेल का ‘राजदूत’ कहलाने वाला वाणिज्य विभाग आज मूलभूत सुविधाओं से वंचित: डॉ. प्रवीण बाजपेयी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ. प्रवीण बाजपेयी ने वाणिज्य विभाग की गंभीर समस्याओं को रेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने विस्तार से रखा। उन्होंने कहा:
”कमर्शियल विभाग रेलवे का ‘राजदूत’ है, जो सीधे तौर पर यात्रियों से जुड़कर रेलवे के लिए करोड़ों रुपये का राजस्व एकत्रित करता है। विपरीत और कठिन परिस्थितियों में भी कर्मचारी रेलयात्रियों को महत्वपूर्ण सुविधाएं देते हुए अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। इसके बावजूद, आज यही विभाग अनेक प्रकार की विसंगतियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने को मजबूर है।”
कर्मचारियों द्वारा उठाई गईं प्रमुख समस्याएं:
कॉन्फ्रेंस के दौरान कमर्शियल कैडर के कर्मचारियों का आक्रोश साफ देखने को मिला। कर्मचारियों ने एक-एक कर अपनी बुनियादी और गंभीर समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल थे:
- तकनीकी खामियां: टिकट विंडो पर QR कोड पेमेंट फेल होने से यात्रियों और कर्मचारियों के बीच उत्पन्न होने वाली परेशानियां।
- खराब बुनियादी ढांचा: टिकट काउंटरों पर प्रिंटरों की खराब स्थिति, बैठने के लिए जर्जर कुर्सियां और मूलभूत सुविधाओं का अभाव।
- सुरक्षा व्यवस्था: टीसी (Ticket Checking) स्टाफ की सुरक्षा का मुद्दा और महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर होने वाली विशिष्ट समस्याएं।
- मानसिक और कानूनी दबाव: टिकट चेकिंग स्टाफ पर बढ़ता अनावश्यक दबाव तथा यात्रियों द्वारा कर्मचारियों पर दर्ज कराई जाने वाली फर्जी FIR, जिससे कर्मियों का भविष्य और जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
रेल प्रशासन ने माना— मांगें पूरी तरह जायज, जल्द होगा समाधान
CRMS के मजबूत पक्षों, अकाट्य तर्कों और कर्मचारियों के आक्रोश को सुनने के बाद, मंच पर मौजूद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने संबोधन में स्वीकार किया कि संगठन द्वारा उठाई गई सभी समस्याएं और मांगें एकदम सही, तार्किक और जायज हैं। अधिकारियों ने संघ को आश्वस्त किया कि इन सभी समस्याओं का जल्द से जल्द सकारात्मक निदान किया जाएगा।
सम्मेलन में उपस्थित प्रमुख रेल अधिकारी:
- डॉ. सुमंत देऊलकर – मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (PM), मध्य रेलवे
- डॉ. शिवराज मानसपुरे – वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM)
- प्रकाश कनोजिया – वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Works)
सफल संचालन और सांगठनिक एकजुटता
इस विशाल सम्मेलन का सफल संचालन मुंबई मंडल के सचिव संजीव कुमार दुबे ने किया। कमर्शियल कैडर की समस्याओं को प्रभावी और मुखर रूप से मंच पर उठाने का महत्वपूर्ण कार्य CRMS के उपाध्यक्ष संजीव कुमार दुबे द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
समारोह को सफल बनाने में केंद्रीय और मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंच पर मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष वी.के. सावंत, राम खापटे, महामंत्री अनिल कुमार दुबे, उपाध्यक्ष विवेक सिसोदिया, संयुक्त महामंत्री धर्मेश कर्दम, जमील ख़ान, सचिव राजकुमार, अमीर खान, डी.वी. रमन, जोनल मीडिया सलाहकार आर.बी. चतुर्वेदी, सुनील मिश्रा, एस.पी. सिंह, बागेबाडी, राकेश, जोनल महिला अध्यक्ष छाया शेलके और सचिव सिंह सहित सभी मंडलों व शाखाओं के अध्यक्ष व सचिव उपस्थित रहे।
सम्मेलन का समापन गरिमापूर्ण माहौल में राष्ट्रगान के साथ हुआ।