सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली जागरूकता कार्यशाला: विस्तृत रिपोर्ट

जयपुर / योगेश शर्मा/दी एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (ईएआर) द्वारा पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के सहयोग से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) विषयक एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाना और उनके कर्मचारियों के भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित करना था। कार्यक्रम में ६० से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के प्रतिनिधियों व औद्योगिक सलाहकारों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ एवं स्वागत

​कार्यक्रम की शुरुआत ईएआर के अध्यक्ष एन.के. जैन, मुख्य सलाहकार ए. के. जैन, पीडब्लूसी के आनंद गुप्ता एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर की गई।

​अपने स्वागत भाषण में एंप्लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जैन ने सभी उद्यमियों, पीएफआरडीए और बैंक पेंशन फंड के प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। उन्होंने रेखांकित किया कि:

  • ​नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) किस प्रकार उद्योगों के कर्मचारियों और स्टाफ का भविष्य सुरक्षित रखने में मददगार है।
  • ​कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में इसे लागू करने के क्या-क्या व्यावहारिक और वित्तीय फायदे हैं।

कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए पीएफआरडीए का आग्रह

​पीएफआरडीए के प्रतिनिधि संदीप घुनावत ने अपने विशेष संबोधन में उद्यमियों से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों के सुरक्षित और सम्मानजनक सेवानिवृत्ति जीवन के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली जैसी योजनाओं को अपनाएं। उन्होंने कहा:

​”यह योजना कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने का एक प्रभावी माध्यम है। उद्यमियों को अपने कर्मचारियों के बीच इस महत्वपूर्ण पेंशन एवं निवेश योजना की जानकारी साझा करनी चाहिए, ताकि उनमें नियमित निवेश की आदत विकसित हो सके और उनका भविष्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।”

 

अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं एमएसएमई

​कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बैगमैन दिनेश गुप्ता ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी भी बनती है। उन्होंने इस सामाजिक दायित्व को पूरा करने की दिशा में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को एक बेहद महत्वपूर्ण साधन बताया।

तकनीकी सत्र: एनपीएस की बारीकियों और टैक्स लाभ पर चर्चा

​कार्यशाला के तकनीकी सत्र में एसबीआई पेंशन निधि के प्रबंधक विवेक सिंह व खुशबू जैन और एचडीएफसी बैंक पेंशन निधि के प्रबंधक जसविंदर सिंह ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की पंजीयन प्रक्रिया, पेंशन लाभों एवं विभिन्न निवेश विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी।

​इस सत्र की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:

  • आयु सीमा: एनपीएस का लाभ १८ वर्ष से लेकर ८५ वर्ष तक का कोई भी नागरिक या कर्मचारी ले सकता है।
  • टैक्स लाभ: नई आयकर व्यवस्था (न्यू इनकम टैक्स रिजीम) के तहत इस सिस्टम के माध्यम से सबसे ज्यादा (१४ प्रतिशत) तक का लाभ लिया जा सकता है।
  • सहयोग का आश्वासन: उपस्थित विशेषज्ञों ने आश्वासन दिया कि वे औद्योगिक इकाइयों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर कर्मचारियों को जागरूक करने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। उपस्थित उद्यमियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए अपनी सहमति व्यक्त की।

आर्थिक समावेशन और सामाजिक सुरक्षा की ओर कदम

​कार्यक्रम का कुशल संचालन ईएआर के सचिव सुदर्शन पाटनी ने किया। अंत में ईएआर के मुख्य सलाहकार व रील के पूर्व एमडी ए. के. जैन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि दी एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान एवं पीएफआरडीए का यह संयुक्त प्रयास राजस्थान के एमएसएमई क्षेत्र में आर्थिक समावेशन, वित्तीय जागरूकता एवं दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

​कार्यक्रम का समापन स्मृति-चिह्न वितरण, पारस्परिक परिचय एवं रात्रिभोज के साथ हुआ। अंत में बैंक पेंशन फंड, पीएफआरडीए और पीडब्लूसी के प्रतिनिधियों ने उपस्थित उद्यमियों और एचआर प्रमुखों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।

कार्यशाला में उपस्थित प्रमुख सदस्य एवं विशेषज्ञ

​इस अवसर पर कार्यशाला के नॉलेज पार्टनर पीडब्लूसी के आनंद गुप्ता सहित कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ और उद्यमी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • संगठन पदाधिकारी: ईएआर के उपाध्यक्ष बिमल चौधरी, सचिव सुदर्शन पाटनी।
  • विषय विशेषज्ञ: लॉ एक्सपर्ट बृज बिहारी शर्मा, सेफ्टी एक्सपर्ट ए. के. सिंह, प्लेसमेंट एक्सपर्ट पूजा गुप्ता, आईटी एक्सपर्ट वंशिका जांगिड़, सीए अनुराग अग्रवाल।
  • उद्यमी एवं एमएसएमई सदस्य: एन.डी. नाजवानी, पी.सी. सांघी, विनय चौरडिया, निधि मुरारका, कृष्णा चौधरी, सौरभ जैन, आर. पी. सोनी, विजय वृन्दानी, प्रतीक कथुरिया, रजनीश जैन, सिम्मी माथुर, विकास पारीक, अंकलेष गौड़, डॉ. शेख जुनेद, बसंत जैन, अजय गौड़ एवं अजय सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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