| नरेश गुनानी
जयपुर, 25 दिसंबर 2025। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को समूचे जयपुर जिले में ‘सुशासन दिवस’ (Good Governance Day) उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट समेत जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में पुष्पांजलि सभा और शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
मुख्यमंत्री ने दिलाई सुशासन की शपथ
जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। यहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने वीसी के जरिए प्रदेश भर के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुशासन की शपथ दिलाई। इस राज्य स्तरीय गरिमामयी समारोह में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार भी उपस्थित रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी को दी गई पुष्पांजलि
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक एवं राजस्व अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के कार्मिकों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। उपस्थित अधिकारियों ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने और लोक कल्याण के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।
जिला कलक्टर का आह्वान: जनता की सेवा सर्वोपरि
जिला कलक्टर ने उपस्थित कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी शासन का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने आह्वान किया कि:
- आमजन से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
- सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें ताकि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- कार्यालयों में कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जाए।
सुशासन सप्ताह का हुआ समापन
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 19 से 25 दिसंबर 2025 तक सुशासन सप्ताह का आयोजन किया गया था। इस सप्ताह के दौरान जिले में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं, जिनमें शामिल हैं:
- प्रशासन गांवों की ओर शिविर: ग्रामीण क्षेत्रों में जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण।
- जिला स्तरीय कार्यशाला: सुशासन के मानकों को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों के बीच मंथन।
- शपथ ग्रहण समारोह: सुशासन सप्ताह की इसी श्रृंखला में गुरुवार को सुशासन दिवस पर भव्य समापन हुआ।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, मंत्रालयिक कर्मचारी और सहायक कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी निष्ठा के साथ सुशासन की शपथ ली।

