गनपत चौहान
रायपुर, 09 मई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और राहत लेकर आ रहा है। शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल जनमानस की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता भी स्पष्ट झलक रही है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों में अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के प्रति एक नई जागरूकता पैदा हुई है।
राजनांदगांव की पुष्पकला मेश्राम को मिला स्वास्थ्य का संबल
इसी कड़ी में राजनांदगांव शहर के शंकरपुर स्कूल में वार्ड क्रमांक 7, 9 एवं 10 के लिए विशेष जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पहुंची पुष्पकला मेश्राम के चेहरे पर उस वक्त खुशी देखते ही बनी जब उन्हें बिना किसी शुल्क के उचित इलाज प्राप्त हुआ।
पुष्पकला मेश्राम की आपबीती और राहत:
- स्वास्थ्य समस्या: वे लंबे समय से शुगर (मधुमेह) और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) की समस्या से जूझ रही थीं।
- चुनौती: आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से वे नियमित जांच के लिए डॉक्टर के पास नहीं जा पा रही थीं।
- समाधान: शिविर में मौजूद मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) के माध्यम से उनकी शुगर और ब्लड प्रेशर की तत्काल जांच की गई।
- परामर्श: ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी और नियमित दवा सेवन के लिए निर्देशित किया।
”सरकार रख रही है गरीबों का ख्याल”
नि:शुल्क इलाज और दवाइयां मिलने के बाद पुष्पकला मेश्राम ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का आयोजन गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए वरदान साबित हो रहा है।
”सरकार हर जरूरतमंद का ध्यान रख रही है। इन शिविरों से न केवल इलाज मिल रहा है, बल्कि शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो रही है।” – पुष्पकला मेश्राम
शिविरों के बहुआयामी लाभ
सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित इन शिविरों में नागरिक विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं:
- आयुष्मान कार्ड: त्वरित पंजीयन और वितरण।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन: पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण।
- स्वास्थ्य जांच: मोबाइल यूनिट के जरिए घर के पास ही विशेषज्ञ सेवाएं।
- त्वरित समाधान: आवेदन पत्रों का मौके पर ही निपटारा।
सुशासन तिहार के इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार “अंत्योदय” के संकल्प को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच सुनिश्चित कर रही है।