सुशासन की दिशा में बढ़ते कदम: जयपुर प्रशासन के नवाचारों से साकार हो रहा मुख्यमंत्री का विजन
-नरेन्द्र सिंह शेखावत (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सक्षम नेतृत्व और दूरदृष्टि के साथ राजस्थान की धरा पर सुशासन के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। ‘अंत्योदय’ और समावेशी विकास आज राज्य की पहचान बन चुके हैं। इसी मंशा को धरातल पर उतारने के लिए गुलाबी नगरी जयपुर में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन न केवल सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है, बल्कि प्रशासनिक नवाचारों के जरिए समाज के हर वर्ग तक पहुँच रहा है।
आध्यात्मिक एवं नैतिक मार्गदर्शक: आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया का गौरव
सुशासन केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के नैतिक और आध्यात्मिक उत्थान का भी नाम है। इसी कड़ी में जयपुर के प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक और प्रेरक आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया का योगदान उल्लेखनीय है।
आचार्य पाटोदिया को हाल ही में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स सोशल जस्टिस कमीशन द्वारा आध्यात्मिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘इंटरनेशनल प्रेस्टीजियस अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। गौरतलब है कि समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और ‘Ageing with Dignity’ के क्षेत्र में उनके मार्गदर्शन हेतु उन्हें 2 मई 2025 को राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। आचार्य जी जैसे व्यक्तित्वों का मार्गदर्शन प्रशासन और समाज के बीच नैतिकता का सेतु बनाने का कार्य कर रहा है।
प्रशासनिक नवाचार: विकास को मिल रहा नया आकार
1. ग्रामीणों के लिए वरदान: ’रास्ता खोलो अभियान’
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर 15 नवंबर 2025 से संचालित यह अभियान ग्रामीणों और किसानों के लिए बड़ी राहत बना है। महज एक वर्ष में 1,481 विवादित रास्ते खुलवाना प्रशासन की संवेदनशीलता का प्रमाण है। इन रास्तों पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए 266 किमी से अधिक ग्रेवल एवं 10 किमी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण भी कराया गया है।
2. नरेगा आखर: शिक्षा से सशक्तिकरण
नरेगा कार्यस्थल अब केवल मजदूरी के स्थान नहीं, बल्कि ज्ञान के केंद्र बन गए हैं। इस अभियान के तहत 41,290 श्रमिकों ने बुनियादी साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब प्रशासन इन्हें बैंकिंग, यूपीआई और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार (जैसे ओटीपी और पासवर्ड की सुरक्षा) का प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रहा है।
3. लाडेसर एवं बिटिया गौरव पेटी
- लाडेसर अभियान: कुपोषण के विरुद्ध जंग में दानदाताओं के सहयोग से 5,300 से अधिक बच्चों को विशेष पोषण किट प्रदान की गई है।
- बिटिया गौरव पेटी: स्कूलों की पुरानी पेटियों का पुन: उपयोग कर उन्हें नया रूप दिया गया और छात्राओं को उनकी व्यक्तिगत सामग्री (सेनेटरी नैपकिन, दवाइयां आदि) सुरक्षित रखने के लिए प्रदान किया गया।
4. सक्षम जयपुर और नशा मुक्त अभियान
- सक्षम जयपुर: दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांगता श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 किया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को रोडवेज पास और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- नशा मुक्त जयपुर: ‘ई-शपथ’ के माध्यम से 21 लाख नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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अभियान/पहल
प्रमुख उपलब्धि
गिव अप अभियान
2.25 लाख अपात्रों ने लाभ छोड़ा; जयपुर पूरे राज्य में प्रथम।
पंच गौरव योजना
खेल (कबड्डी), उत्पाद (आंवला/रत्न) और वनस्पति का संवर्धन।
SDG इंडेक्स 2024
राज्य का पहला जिला स्तरीय इंडेक्स जारी करने वाला जिला।
अंत्योदय संबल शिविर
350

